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मानवाधिकार दिवस मनाया
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:47 AM IST
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चंदौली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान की ओर से सोमवार को चौधरी रघुनाथ सिंह बालिका इंटर कालेज पखनपुरा में मानवाधिकार दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों व बच्चों को मानवाधिकार के बाबत विस्तार से जानकारी दी गई।
इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित कुमार यादव ने कहा कि सन 1950 में आज के दिन संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकार दिवस घोषित किया। इसके तहत स्वास्थ्य, आर्थिक सामाजिक और शिक्षा का अधिकार भी शामिल है। मानवाधिकार नैसर्गिक अधिकार है, जिनमें मनुष्य को नस्ल, जाति, राष्ट्रीयता, धर्म, लिंग आदि के अधिकार पर वंचित या प्रताड़ित नहीं किया जा सकता है। यूनाइटेड नेशन द्वारा जारी चाइल्ड राइट्स कन्वेनशन पर भी सभी देशों ने हस्ताक्षर किए हैं, उनमें भारत भी शामिल है। इसके अलावा भारतीय संविधान और राइट टू एजुकेशन जैसे अधिकारों ने बच्चों के हितों और हकों की हिफाजत के लिए बहुत से दिशा निर्देश जारी किए है। इसमें दस्तावेज के अभाव में किसी बच्चे को स्कूल में दाखिला देने से रोका नहीं जा सकता है। मानव संसाधन एवं महिला संस्थान के संयोजक गणेश विश्वकर्मा ने मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी व बाल श्रम के मुद्दे पर प्रकाश डाला। इस दौरान विकास सिंह, सुजाता सिंह आदि उपस्थित थे। संचालन महेंद्र प्रताप सिंह ने किया।
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इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित कुमार यादव ने कहा कि सन 1950 में आज के दिन संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकार दिवस घोषित किया। इसके तहत स्वास्थ्य, आर्थिक सामाजिक और शिक्षा का अधिकार भी शामिल है। मानवाधिकार नैसर्गिक अधिकार है, जिनमें मनुष्य को नस्ल, जाति, राष्ट्रीयता, धर्म, लिंग आदि के अधिकार पर वंचित या प्रताड़ित नहीं किया जा सकता है। यूनाइटेड नेशन द्वारा जारी चाइल्ड राइट्स कन्वेनशन पर भी सभी देशों ने हस्ताक्षर किए हैं, उनमें भारत भी शामिल है। इसके अलावा भारतीय संविधान और राइट टू एजुकेशन जैसे अधिकारों ने बच्चों के हितों और हकों की हिफाजत के लिए बहुत से दिशा निर्देश जारी किए है। इसमें दस्तावेज के अभाव में किसी बच्चे को स्कूल में दाखिला देने से रोका नहीं जा सकता है। मानव संसाधन एवं महिला संस्थान के संयोजक गणेश विश्वकर्मा ने मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी व बाल श्रम के मुद्दे पर प्रकाश डाला। इस दौरान विकास सिंह, सुजाता सिंह आदि उपस्थित थे। संचालन महेंद्र प्रताप सिंह ने किया।
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