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बदहाल है आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति
Updated Mon, 16 Apr 2018 12:48 AM IST
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कंदवा। बरहनी विकास खंड अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति खराब है। आंगनबाड़ी सहायिका व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सेंटरों से गायब ही रहे हैं। यही नहीं ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्र उधार के भवन में संचालित होते हैं। वहीं बीते फरवरी माह से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पौष्टिक आहार का भी अभाव है। इससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषाहार नसीब नहीं हो पा रहा है।
बरहनी विकास खंड में कुल 174 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। इसमें से 29 आंगनबाड़ी केंद्र यहां खुद के भवन में चलते हैं तो बाकी के 145 आंगनबाड़ी केंद्र उधार के भवन में चलते हैं, जबकि 11 गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माणाधीन हैं। कुछ आंगनबाड़ी केंद्र जहां प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चलते हैं। वहीं कई आंगनबाड़ी केंद्र पंचायत भवन में भी चल रहे हैं। सीडीपीओ बरहनी की माने तो दो माह से पुष्टाहार शासन की तरफ से मिलना बंद हो गया है। बरहनी विकास खंड के ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति तो काफी दयनीय है। कहीं दरवाजे खिड़कियां नदारत हैं तो कहीं भवन ही जर्जर हैं । बच्चों को बैठने की भी उचित व्यवस्था नहीं है। नौ अप्रैल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहनी पर 49 गर्भवती महिलाएं जांच के लिए पहुंची थीं, इनमें अधिकांश में खून की कमी पाई गई थी। वहीं दो महिलाओं में तो खून की काफी कमी मिली। ऐसे में यदि इन महिलाओं को पुष्टाहार मिला होता तो शायद डूबते को तिनके का सहारा मिल गया होता। इस संबंध में सीडीपीओ बरहनी आरपी मौर्या का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए कई माह से शासन से कोई बजट ही नहीं आ रहा है। बजट आने पर आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था में सुधार होगा। बताया कि जल्द ही पुष्टाहार भी आने की संभावना है।
बरहनी विकास खंड में कुल 174 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। इसमें से 29 आंगनबाड़ी केंद्र यहां खुद के भवन में चलते हैं तो बाकी के 145 आंगनबाड़ी केंद्र उधार के भवन में चलते हैं, जबकि 11 गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माणाधीन हैं। कुछ आंगनबाड़ी केंद्र जहां प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चलते हैं। वहीं कई आंगनबाड़ी केंद्र पंचायत भवन में भी चल रहे हैं। सीडीपीओ बरहनी की माने तो दो माह से पुष्टाहार शासन की तरफ से मिलना बंद हो गया है। बरहनी विकास खंड के ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति तो काफी दयनीय है। कहीं दरवाजे खिड़कियां नदारत हैं तो कहीं भवन ही जर्जर हैं । बच्चों को बैठने की भी उचित व्यवस्था नहीं है। नौ अप्रैल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहनी पर 49 गर्भवती महिलाएं जांच के लिए पहुंची थीं, इनमें अधिकांश में खून की कमी पाई गई थी। वहीं दो महिलाओं में तो खून की काफी कमी मिली। ऐसे में यदि इन महिलाओं को पुष्टाहार मिला होता तो शायद डूबते को तिनके का सहारा मिल गया होता। इस संबंध में सीडीपीओ बरहनी आरपी मौर्या का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए कई माह से शासन से कोई बजट ही नहीं आ रहा है। बजट आने पर आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था में सुधार होगा। बताया कि जल्द ही पुष्टाहार भी आने की संभावना है।
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