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Bulandshahar News: जिले में 110 राशन की दुकानों का संचालन कर रहीं महिलाएं
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बुलंदशहर। जिले में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं राशन वितरण की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। निलंबित 110 दुकानों का स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आवंटन किया जा चुका है। यह महिलाएं राशन का वितरण कर मिलने वाले कमीशन से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
जिले में 1352 राशन की दुकानें हैं। उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन ग्रामीण की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन स्तर से कई योजनाएं चल रही हैं। समूहों के गठन के साथ उनके संचालन की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 14 हजार से अधिक समूहों का गठन किया गया है।
वहीं, शासन स्तर से समूहों के आर्थिक उत्थान को लेकर समूहों की महिलाओं को राशन की दुकान आवंटन करने की पहल की है। इसके तहत जिले में अब तक निलंबित हो चुकी 110 दुकानों का आवंटन महिलाओं को किया जा चुका है।
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जिला पूर्ति अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि दुकानों में महिलाएं ही राशन वितरण की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्हें मिलने वाला कमीशन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। आगे भी निलंबित होने वाली राशन की दुकानों का आवंटन समूह की महिलाओं को ही किया जाएगा।
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जिले में 1352 राशन की दुकानें हैं। उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन ग्रामीण की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन स्तर से कई योजनाएं चल रही हैं। समूहों के गठन के साथ उनके संचालन की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 14 हजार से अधिक समूहों का गठन किया गया है।
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वहीं, शासन स्तर से समूहों के आर्थिक उत्थान को लेकर समूहों की महिलाओं को राशन की दुकान आवंटन करने की पहल की है। इसके तहत जिले में अब तक निलंबित हो चुकी 110 दुकानों का आवंटन महिलाओं को किया जा चुका है।
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जिला पूर्ति अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि दुकानों में महिलाएं ही राशन वितरण की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्हें मिलने वाला कमीशन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। आगे भी निलंबित होने वाली राशन की दुकानों का आवंटन समूह की महिलाओं को ही किया जाएगा।