फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Winter sets in: Asthma patients face increased difficulties; caution advised.

Bulandshahar News: सर्दी की दस्तकः बढ़ने लगी अस्थमा रोगियों की परेशानी, सावधानी बरतने की सलाह

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:20 PM IST
विज्ञापन
बुलंदशहर। अक्तूबर माह में समय-समय पर हो रही बारिश के साथ ही मौसम के बदलते तेवर अब लोगों की सेहत पर असर डालने लगे है। दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव होने से अस्थमा व सांस के मरीजों को परेशानी बढ़नी शुरू हो गई है। वहीं, वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीज भी बढ़ गए है। प्रतिदिन सरकारी चिकित्सालय से लेकर निजी चिकित्सालयों में चिकित्सकों के पास मरीज पहुंच रहे है। इनमें बुजुर्गों की संख्या अधिक है। चिकित्सक दवा के साथ उन्हें संतुलित भोजन, विशेष सावधानी और ठंड से बचाव की सलाह दे रहे है।
विज्ञापन

दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव होने से लोगों को नजला, खांसी और वायरल बुखार की समस्या बनी हुई है। इसके साथ ही अस्थमा एवं सांस के रोगियों की परेशानी भी बढ़ने लगी है। जिला चिकित्सालय के परामर्शदाता डॉ. परवेंद्र सिंह ने बताया कि तापमान में बदलाव अस्थमा के मरीजों को परेशान करने लगा है। कई मरीजों को हल्की सर्दी-जुकाम या संक्रमण के बाद सांस लेने में परेशानी हो रही हैं।
विज्ञापन

बीमारी से बचने के लिए संतुलित खानपान, मौसमी फल व सब्जियों का प्रयोग करें। ठंडे और तली-भुनी खाद्य वस्तुओं से परहेज करें। अस्थमा के मरीज दवा बीच में न छोड़ें। धूल-धुआं से बचाव करें, घर में साफ सफाई रखें, घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें। बताया कि जब भी मौसम बदलता है तो सांस व अस्थमा के मरीजों को परेशानी होती हैं। इस समय सांस और अस्थमा के 20 से 40 मरीज आ रहे हैं। मौसम में बदलाव के कारण के नजला, खांसी और वायरल के मरीज सबसे ज्यादा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
ये बरतें सावधानी
- गर्म कपड़े पहनें।
- प्रदूषण वाले स्थानों से दूर रहें।
- सुबह शाम बाहर निकलने से बचें।
- गर्म पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
- बाहर निकलते समय मास्क पहनें।
- अस्थमा मरीज इनहेलर और दवाएं नियमित लेते रहें।
- घर के अंदर ही नियमित रूप से हल्का व्यायाम करें।
--
कोट
अस्थमा के मरीजों को बदलते मौसम में पहले से सतर्क रहना चाहिए। मौसम में बदलाव से नजला, खांसी और वायरल के मरीज अधिक आ रहे है। पिछले कई दिनों से सांस व अस्थमा के मरीज भी आने लगे है। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालय

चेतन शर्मा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed