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Bulandshahar News: धर्म की रक्षा हम करेंगे... नारों के साथ सड़कों पर उतरे संगठन
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कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते सभा के कार्यकर्ता व लोग। संवाद
बुलंदशहर। धर्मांतरण के विरोध में मंगलवार को हिंदूवादी संगठनों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने काला आम स्थित मलका पार्क से कलक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला। धर्म की रक्षा कौन करेगा, हम करेंगे.. जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने कलक्ट्रेट परिसर में ही हनुमान चालीसा का पाठ किया और एडीएम प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
नेतृत्व कर रहे महंत दीपक महाराज व महंत घनश्याम दास महाराज ने आरोप लगाया कि विभिन्न राष्ट्रविरोधी शक्तियां छल, बल और प्रलोभन के सहारे सीधे-सादे लोगों को बहकाकर उनका धर्मांतरण करा रही हैं। उनका मुख्य निशाना गांव की निर्धन बस्तियां बन रही हैं। आरोप लगाया कि इस काम में विदेशी धन और मिशनरी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि लालच और दबाव के सहारे कराया जा रहा धर्म परिवर्तन असंवैधानिक है। प्रदर्शनकारियों ने संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए मांग की कि लालच और दबाव डालकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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संगठन के नेताओं ने कहा कि देश में आस्था का अधिकार सभी को है लेकिन किसी को भी दबाव डालकर या आर्थिक प्रलोभन देकर उसका धर्म परिवर्तन कराने का अधिकार नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस तरह की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
सैकड़ों की संख्या में कलक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने अपनी बात को बुलंद आवाज में रखा। एडीएम प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया और उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। हिंदूवादी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि धर्मांतरण की गतिविधियों पर लगाम नहीं लगा तो उनका आंदोलन और उग्र होगा। इस दौरान केपी दास महाराज, आचार्य प्रेम देव शास्त्री, महाराज कमल, महाराज भूपेंद्र, हरिओम नागर समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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नेतृत्व कर रहे महंत दीपक महाराज व महंत घनश्याम दास महाराज ने आरोप लगाया कि विभिन्न राष्ट्रविरोधी शक्तियां छल, बल और प्रलोभन के सहारे सीधे-सादे लोगों को बहकाकर उनका धर्मांतरण करा रही हैं। उनका मुख्य निशाना गांव की निर्धन बस्तियां बन रही हैं। आरोप लगाया कि इस काम में विदेशी धन और मिशनरी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
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प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि लालच और दबाव के सहारे कराया जा रहा धर्म परिवर्तन असंवैधानिक है। प्रदर्शनकारियों ने संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए मांग की कि लालच और दबाव डालकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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संगठन के नेताओं ने कहा कि देश में आस्था का अधिकार सभी को है लेकिन किसी को भी दबाव डालकर या आर्थिक प्रलोभन देकर उसका धर्म परिवर्तन कराने का अधिकार नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस तरह की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
सैकड़ों की संख्या में कलक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने अपनी बात को बुलंद आवाज में रखा। एडीएम प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया और उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। हिंदूवादी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि धर्मांतरण की गतिविधियों पर लगाम नहीं लगा तो उनका आंदोलन और उग्र होगा। इस दौरान केपी दास महाराज, आचार्य प्रेम देव शास्त्री, महाराज कमल, महाराज भूपेंद्र, हरिओम नागर समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।