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आधी गर्मी बीती, टंकियों की नहीं हुई मरम्मत
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आधी गर्मी बीती, टंकियों की नहीं हुई मरम्मत
बुलंदशहर। जिले के करीब एक दर्जन गांवों के लोगों को पेयजल के लिए अभी हैंडपंप और नलकूपों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। चुनाव में अधिकारियों की ड्यूटी के कारण खराब पड़ी टंकियों को ठीक नहीं किया जा रहा है। ऐसे में गर्मी बढ़ने के साथ ही करीब 20 हजार लोगों को पानी का संकट झेलना पड़ेगा। विभाग के मुताबिक 66 रेट्रो फिटिंग योजना के तहत मरम्मत का कार्य किया जा रहा है।
सरकार ने जिले की करीब 40 लाख जनसंख्या को भीषण गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्ध करवाने का निर्देश जारी किया है। नगर क्षेत्र में नगर पालिकाएं तो ग्रामीण क्षेत्र में जलनिगम को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। स्थिति यह है कि अहार, मूढ़ी बकापुर, डिबाई, खुर्जा क्षेत्र के कई गांवों में अब भी टंकियों की मरम्मत नहीं की गई है। जबकि जल निगम के अधिकारियों के मुताबिक गांव बुकलाना, जलीलपुर, पिपाला, करियावली, डिबाई, शेरपुर, कुचेसर, इंदौरखेड़ा गांवों में 66 रेट्रो फिटिंग योजना के तहत टंकियों की मरम्मत का कार्य किया जा चुका है।
78 गांवों में हैं टंकियां, कई पड़ी हैं बेकार
जिले के 78 गांवों में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टंकियां बनाई गई हैं। मूढ़ी बकापुर गांव में करीब 1.64 करोड़ की लागत से बनाई गई टंकी अभी तक शुरू नहीं की गई है। वहीं डिबाई क्षेत्र में भी कई गांवों में टंकी से सप्लाई शुरू होने का इंतजार है।
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66 रेट्रो फिटिंग योजना के तहत गांवों में टंकियों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। दो दर्जन से अधिक गांवों में टंकियों की मरम्मत की जा चुकी है। शेष गांवों में मरम्मत का कार्य चल रहा है। जहां भी लोगों को परेशानी है, वह शिकायत करें। समस्या का समाधान किया जाएगा। - मौ. मुईज, एक्सईएन, जल निगम
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बुलंदशहर। जिले के करीब एक दर्जन गांवों के लोगों को पेयजल के लिए अभी हैंडपंप और नलकूपों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। चुनाव में अधिकारियों की ड्यूटी के कारण खराब पड़ी टंकियों को ठीक नहीं किया जा रहा है। ऐसे में गर्मी बढ़ने के साथ ही करीब 20 हजार लोगों को पानी का संकट झेलना पड़ेगा। विभाग के मुताबिक 66 रेट्रो फिटिंग योजना के तहत मरम्मत का कार्य किया जा रहा है।
सरकार ने जिले की करीब 40 लाख जनसंख्या को भीषण गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्ध करवाने का निर्देश जारी किया है। नगर क्षेत्र में नगर पालिकाएं तो ग्रामीण क्षेत्र में जलनिगम को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। स्थिति यह है कि अहार, मूढ़ी बकापुर, डिबाई, खुर्जा क्षेत्र के कई गांवों में अब भी टंकियों की मरम्मत नहीं की गई है। जबकि जल निगम के अधिकारियों के मुताबिक गांव बुकलाना, जलीलपुर, पिपाला, करियावली, डिबाई, शेरपुर, कुचेसर, इंदौरखेड़ा गांवों में 66 रेट्रो फिटिंग योजना के तहत टंकियों की मरम्मत का कार्य किया जा चुका है।
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78 गांवों में हैं टंकियां, कई पड़ी हैं बेकार
जिले के 78 गांवों में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टंकियां बनाई गई हैं। मूढ़ी बकापुर गांव में करीब 1.64 करोड़ की लागत से बनाई गई टंकी अभी तक शुरू नहीं की गई है। वहीं डिबाई क्षेत्र में भी कई गांवों में टंकी से सप्लाई शुरू होने का इंतजार है।
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66 रेट्रो फिटिंग योजना के तहत गांवों में टंकियों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। दो दर्जन से अधिक गांवों में टंकियों की मरम्मत की जा चुकी है। शेष गांवों में मरम्मत का कार्य चल रहा है। जहां भी लोगों को परेशानी है, वह शिकायत करें। समस्या का समाधान किया जाएगा। - मौ. मुईज, एक्सईएन, जल निगम