{"_id":"624095425446bd1528665f4f","slug":"vaccination-bulandshahr-news-gbd235978570","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीका लगवाने में भी जिले की लड़कियां आगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीका लगवाने में भी जिले की लड़कियां आगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टीका लगवाने में भी जिले की लड़कियां आगे
बुलंदशहर। अभी तक जिले की लड़कियों का दबदबा पढ़ाई में ही रहता था, लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद टीका लगवाने में भी लड़कियां लड़कों से आगे निकल रही हैं। लड़कियां बिना किसी डर के टीकाकरण कराने के लिए केंद्रों पर पहुंच रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भी 12 से 14 साल के 2788 बच्चों ने टीकाकरण कराया है। इसमें 1311 लड़के और 1407 लड़कियों के टीका लगा है। जबकि 15 से 17 वर्ष के टीकाकरण में भी लड़कियां आगे रही हैं।
पढ़ाई, लिखाई और जॉब समेत अन्य कार्यों में महिलाएं अपनी हिस्सेदारी दिखा रही हैं। जिले में जहां बालिकाओं ने लिंगानुपात में कम चल रही है। एक सर्वे के अनुसार जिले में बालिकाओं का लिंगानुपात 841 है, जो बालकों से काफी कम चल रही है। इसके बावजूद जो है वह लड़कों से पीछे नहीं रहना चाहती। जिले में अब तक हुए टीकाकरण में महिलाएं पुरुषों के बराबरी की हिस्सेदारी दिखा टीका लगवा सकी है। वहीं, हाल ही में तीन जनवरी से शुरू हुए 15 से 17 उम्र के किशोरों/युवाओं के टीका लगने की शुरुआत हुई। इस दौरान 1,89,019 किशोरों/युवाओं को पहला टीका लगाया जा चुका है। साथ ही 10 दिन पूर्व शुरू हुए 12 से 14 उम्र के बच्चों के टीकाकरण की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत अब तक 2788 बच्चों को टीका लगाया जा चुका है।
1407 छात्राओं को लग चुका टीका
15 से 17 उम्र के टीकाकरण के दौरान 189019 किशोर/युवाओं को टीका लगाया जा चुका है। इसमें 94 हजार से अधिक किशोरियों/युवतियों को टीका लग चुका है, जबकि शेष टीके किशोर/युवाओं को टीका लगाया गया। अब पिछले 10 दिन से चल रहे 12 से 14 उम्र के बच्चों के टीकाकरण में अब तक 2788 बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। इसमें 1407 से बच्चियों ने टीका लगवाया है, जबकि 1311 बच्चों के टीका लगा है।
विज्ञापन
टीकाकरण की स्थिति
12 से 14 उम्र
लक्ष्य - 148224
टीका लगे - 2788
15 से 17 उम्र
लक्ष्य - 245417
पहला टीका - 189019
दूसरा टीका - 102939
कुल टीकाकरण
महिला वर्ग - 23,43,706
पुरुष वर्ग - 25,57,100
थर्ड जेंडर - 1164
बोले बच्चे
अब बिना डर जा रहे स्कूल
कोरोना से डर तो लगता ही है, पर बचाव के लिए टीका लग गया है। अब बिना डरें स्कूल आ-जा रही हूं। - तनिषा शर्मा
माता-पिता का डर हुआ कम
कोरोना की पहली लहर के दौरान डर लगा था। इसके बाद टीका लगना शुरू हुआ तो डर कम होता गया। अब मुझे भी टीका लग जाने से माता-पिता का डर भी कम हो गया है। - हर्षिका शर्मा
डर कैसा, टीका सुरक्षित है
टीके से डर कैसा, यह कोरोना से बचाव का टीका है, जिसने मुझे सुरक्षित किया है। - परिधि चौधरी
टीका लगने का नहीं चला पता
टीका लगने से पहले डर लगता था, लेकिन जब टीका लगवाया तो टीका कब लगा पता भी नहीं चला। - यश चौधरी
12 से 14 और 15 से 17 उम्र के बच्चे/किशोरों के टीकाकरण में बेटियां बराबरी की हिस्सेदारी ले चुकी है। अनुमानित बेटियों की संख्या टीका लगवाने वालों में अधिक रही है। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। टीका लगवाने से कोई बीमारी या डरने की बात नहीं है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
बुलंदशहर। अभी तक जिले की लड़कियों का दबदबा पढ़ाई में ही रहता था, लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद टीका लगवाने में भी लड़कियां लड़कों से आगे निकल रही हैं। लड़कियां बिना किसी डर के टीकाकरण कराने के लिए केंद्रों पर पहुंच रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भी 12 से 14 साल के 2788 बच्चों ने टीकाकरण कराया है। इसमें 1311 लड़के और 1407 लड़कियों के टीका लगा है। जबकि 15 से 17 वर्ष के टीकाकरण में भी लड़कियां आगे रही हैं।
पढ़ाई, लिखाई और जॉब समेत अन्य कार्यों में महिलाएं अपनी हिस्सेदारी दिखा रही हैं। जिले में जहां बालिकाओं ने लिंगानुपात में कम चल रही है। एक सर्वे के अनुसार जिले में बालिकाओं का लिंगानुपात 841 है, जो बालकों से काफी कम चल रही है। इसके बावजूद जो है वह लड़कों से पीछे नहीं रहना चाहती। जिले में अब तक हुए टीकाकरण में महिलाएं पुरुषों के बराबरी की हिस्सेदारी दिखा टीका लगवा सकी है। वहीं, हाल ही में तीन जनवरी से शुरू हुए 15 से 17 उम्र के किशोरों/युवाओं के टीका लगने की शुरुआत हुई। इस दौरान 1,89,019 किशोरों/युवाओं को पहला टीका लगाया जा चुका है। साथ ही 10 दिन पूर्व शुरू हुए 12 से 14 उम्र के बच्चों के टीकाकरण की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत अब तक 2788 बच्चों को टीका लगाया जा चुका है।
विज्ञापन
1407 छात्राओं को लग चुका टीका
15 से 17 उम्र के टीकाकरण के दौरान 189019 किशोर/युवाओं को टीका लगाया जा चुका है। इसमें 94 हजार से अधिक किशोरियों/युवतियों को टीका लग चुका है, जबकि शेष टीके किशोर/युवाओं को टीका लगाया गया। अब पिछले 10 दिन से चल रहे 12 से 14 उम्र के बच्चों के टीकाकरण में अब तक 2788 बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। इसमें 1407 से बच्चियों ने टीका लगवाया है, जबकि 1311 बच्चों के टीका लगा है।
विज्ञापन
टीकाकरण की स्थिति
12 से 14 उम्र
लक्ष्य - 148224
टीका लगे - 2788
15 से 17 उम्र
लक्ष्य - 245417
पहला टीका - 189019
दूसरा टीका - 102939
कुल टीकाकरण
महिला वर्ग - 23,43,706
पुरुष वर्ग - 25,57,100
थर्ड जेंडर - 1164
बोले बच्चे
अब बिना डर जा रहे स्कूल
कोरोना से डर तो लगता ही है, पर बचाव के लिए टीका लग गया है। अब बिना डरें स्कूल आ-जा रही हूं। - तनिषा शर्मा
माता-पिता का डर हुआ कम
कोरोना की पहली लहर के दौरान डर लगा था। इसके बाद टीका लगना शुरू हुआ तो डर कम होता गया। अब मुझे भी टीका लग जाने से माता-पिता का डर भी कम हो गया है। - हर्षिका शर्मा
डर कैसा, टीका सुरक्षित है
टीके से डर कैसा, यह कोरोना से बचाव का टीका है, जिसने मुझे सुरक्षित किया है। - परिधि चौधरी
टीका लगने का नहीं चला पता
टीका लगने से पहले डर लगता था, लेकिन जब टीका लगवाया तो टीका कब लगा पता भी नहीं चला। - यश चौधरी
12 से 14 और 15 से 17 उम्र के बच्चे/किशोरों के टीकाकरण में बेटियां बराबरी की हिस्सेदारी ले चुकी है। अनुमानित बेटियों की संख्या टीका लगवाने वालों में अधिक रही है। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। टीका लगवाने से कोई बीमारी या डरने की बात नहीं है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ