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Bulandshahar News: सरकारी चिकित्सालय में डिलीवरी के दौरान फटी बच्चेदानी, जांच शुरू
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बुलंदशहर/सिकंदराबाद। सिकंदराबाद क्षेत्र निवासी एक युवक ने संयुक्त चिकित्सालय में नार्मल डिलीवरी के दौरान गलत उपचार करने का आरोप लगाया हैं। महिला की बच्चादानी फट जाने और पेशाब नली व आंत क्षतिग्रस्त हो जाने पर जान जाते-जाते बची। महिला के पति ने डीएम को शिकायतपत्र देकर कार्रवाई की मांग की। डिप्टी सीएमओ ने मामले में जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया स्टाफ नर्स की लापरवाही सामने आई है।
सिकंदराबाद क्षेत्र निवासी मुकेश कुमार ने सोमवार को डीएम को पत्र देकर संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद के स्टाफ पर लापरवाही बरतने और सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चार दिसंबर को संयुक्त चिकित्सालय में पत्नी के प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया। यहां नार्मल डिलीवरी हुई। डिलीवरी के बाद पत्नी लगातार पेटदर्द की समस्या बताने लगी। आरोप है कि अस्पताल की एक चिकित्सक ने दर्द बता बाहर से दवाएं लेने को कहा। दर्द न जाने पर अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। सरकारी में सुविधा होने के बाद निजी पर भेजा गया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखने के बाद दिल्ली सफदरगंज रेफर कर दिया। जहां एक माह इलाज होने के बाद पत्नी की जान जाते-जाते बची।
पीड़ित ने चिकित्सालय की एक चिकित्सक द्वारा पत्नी को न देखने और आयुष चिकित्सक द्वारा बाहर से दवाएं एवं अल्ट्रासाउंड कराने पर कार्रवाई की मांग की। डिप्टी सीएमओ डॉ. हरेंद्र बंसल ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला की डिलीवरी से संबंधित स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। स्टाफ नर्स द्वारा डिलीवरी कराए जाने की बात सामने आ रही है।
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डीएम के निर्देश पर संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद में डिप्टी सीएमओ को भेजकर शिकायत की जांच करने के निर्देश दिए। सरकारी सुविधाएं न देने और लापरवाही मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मंजू अग्रवाल, कार्यवाहक सीएमओ
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सिकंदराबाद क्षेत्र निवासी मुकेश कुमार ने सोमवार को डीएम को पत्र देकर संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद के स्टाफ पर लापरवाही बरतने और सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चार दिसंबर को संयुक्त चिकित्सालय में पत्नी के प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया। यहां नार्मल डिलीवरी हुई। डिलीवरी के बाद पत्नी लगातार पेटदर्द की समस्या बताने लगी। आरोप है कि अस्पताल की एक चिकित्सक ने दर्द बता बाहर से दवाएं लेने को कहा। दर्द न जाने पर अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। सरकारी में सुविधा होने के बाद निजी पर भेजा गया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखने के बाद दिल्ली सफदरगंज रेफर कर दिया। जहां एक माह इलाज होने के बाद पत्नी की जान जाते-जाते बची।
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पीड़ित ने चिकित्सालय की एक चिकित्सक द्वारा पत्नी को न देखने और आयुष चिकित्सक द्वारा बाहर से दवाएं एवं अल्ट्रासाउंड कराने पर कार्रवाई की मांग की। डिप्टी सीएमओ डॉ. हरेंद्र बंसल ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला की डिलीवरी से संबंधित स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। स्टाफ नर्स द्वारा डिलीवरी कराए जाने की बात सामने आ रही है।
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डीएम के निर्देश पर संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद में डिप्टी सीएमओ को भेजकर शिकायत की जांच करने के निर्देश दिए। सरकारी सुविधाएं न देने और लापरवाही मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मंजू अग्रवाल, कार्यवाहक सीएमओ