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Bulandshahar News: नोएडा समेत अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ <bha>--</bha><bha>--</bha> लिंक एक्सप्रेसवे के लिए यूपीडा ने प्रशासन से मांगा जमीन का क्रय प्रस्ताव

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 27 Sep 2025 06:26 PM IST
सार

बुलंदशहर में जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 76 किमी लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 39 गांवों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रशासन ने पारदर्शी अधिग्रहण के निर्देश जारी किए हैं। इससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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UPDA sought land purchase proposal from the administration for the Link Expressway

विस्तार

पांच तहसीलों के 39 गांवों की जमीन का किया जाएगा अधिग्रहण
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए प्रस्तावित 76 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया ने अब रफ्तार पकड़ ली है। इस परियोजना के लिए जिले के पांच तहसीलों के 39 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार ने इसके लिए जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। परियोजना पर अनुमानित खर्च करीब 4415 करोड़ रुपये आंका जा रहा है।
जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए इस लिंक एक्सप्रेसवे की योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है। स्याना क्षेत्र से होकर गुजर रहे गंगा एक्सप्रेस-वे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए शासन की ओर से निर्माण कार्य के आदेश जारी किए गए थे। अब यूपीडा ने जमीन अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजकर प्रक्रिया को तेज करने को कहा है।
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सीईओ दीपक कुमार ने पत्र के माध्यम से प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ हो। जमीन पर किसी भी प्रकार के वाद-विवाद की स्थिति से बचने के लिए एक गजट नोटिफिकेशन प्रकाशित किया जाए और 10 दिन के भीतर आपत्तियां आमंत्रित कर उनका निस्तारण तत्काल किया जाए। साथ ही संबंधित गांवों की सीमाओं का आपसी मिलान, जमीन के मालिकों और काबिज व्यक्तियों की पहचान, और भौगोलिक सत्यापन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि भूमि अधिग्रहण के लिए जिला स्तरीय भूमि क्रय समिति का गठन कर जल्द से जल्द बैठक बुलाई जाए।
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यूपीडा के अंतिम अनुमोदन के बाद संबंधित तहसीलों में तहसीलदार या नायब तहसीलदार को नामित कर बैनामा की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। इसके अलावा लेखपाल से लेकर अपर जिलाधिकारी स्तर तक एक मजबूत कम्युनिकेशन प्लान तैयार कर जमीन खरीद प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन गांवों में होगा जमीन अधिग्रहण:-
- खुर्जा तहसील: खबरा, धरारी, बिचौला, धराऊं, दीनौल, बरतौली, खलसिया चूहरपुर
- सिकंदराबाद तहसील: चचोई, रूपवास पचगाईं
- बुलंदशहर तहसील: मामन खुर्द, मामन कलां, ऐमनपुर, चिरचिटा, भाईपुरा, कलौली, दोहली, अड़ौली, सराय छबीला, इस्माईला, सैदपुरा, चरौरा मुस्तफाबाद, हंगथला उर्फ भावसी, औरंगाबाद, मूढ़ीबकापुर, पिपाला, ईखलासपुर, मोहम्मद पनाहपुर सगली
- शिकारपुर तहसील: बैलौठ, याकूबपुर, घुंघरावली, मुकीमपुर, धतूरी
- स्याना तहसील: सेगा जगतपुर, मडौना जाफराबाद, चित्सौना अल्लीपुर, बीबीनगर (नगरीय), अलावास बातरी, डारौली, बैनीपुर, बांहपुर


ये है इस लिंक एक्सप्रेसवे का महत्व..
इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से न सिर्फ जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ा जाएगा बल्कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई जिलों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। दिल्ली, नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों के बीच यातायात का दबाव कम होगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
जिला प्रशासन की ओर से इन सभी संबंधित तहसीलों को निर्देशित किया गया है कि भूमि संबंधित अभिलेखों को अद्यतन किया जाए। तहसीलों में अधिकारियों की टीमें गठित कर दी गई हैं जो गांवों में जाकर जमीन की स्थिति का आंकलन करेंगी और अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देंगी।

विकास की रफ्तार अब गांवों तक
लिंक एक्सप्रेसवे की यह परियोजना न केवल जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी विकास की नई संभावनाएं लेकर आएगी। हालांकि, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों और ग्रामीणों की आपत्तियों व सहमति का पूरा ध्यान रखा जाएगा, ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।

संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। संबंधित गांव के भूमि के भौतिक सत्यापन कराएं। एसडीएम ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार को सत्यापन के लिए लगा दिया है। - प्रमोद पांडेय, एडीएम प्रशासन
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