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धरातल पर उतरें कृषि योजनाएं तो ही मिलेगा लाभ
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बजट पर चर्चा करते किसान।
- फोटो : BULANDSHAHR
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धरातल पर उतरें कृषि योजनाएं तो ही मिलेगा लाभ
बुलंदशहर। प्रदेश सरकार ने अपने बजट में 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, जनपद में पैदावार होने वाली फसलों की खरीद पर किसानों को तत्काल भुगतान कराने पर जोर दिया गया है। इस बाबत किसानों का कहना है कि सरकार बजट में शामिल प्रावधानों को धरातल पर उतारे तो किसानों को लाभ मिलेगा। वहीं, किसान जनपद में किसान मुख्य रूप से गन्ना, गेहूं, मक्का, ज्चार, सरसों आदि फसलों की खेती करते हैं। इस बार प्रदेश सरकार के बजट में किसानों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
कृषि प्रधान जनपद बुलंदशहर में 3.60 लाख हेक्टेयर जमीन में खेती होती है। खेती से जनपद के करीब चार लाख किसान जुड़े हुए हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सौ करोड़ का बजट जारी किया गया है। इसके तहत आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना बनाई जाएगी। इसके तहत जनपद में होने वाले अधिक उत्पादन वाली फसल को चिन्हित किया जाएगा और उसी के हिसाब से बाजार तैयार किया जाएगा। वहीं किसानों को बढ़ावा देने के लिए ब्लॉक स्तर पर कृषक उत्पादन संगठनों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को नहरों और सरकारी नलकूपों से मुफ्त पानी दिया जाएगा। इसका लाभ जनपद के किसानों को भी मिलेगा। बजट में पेश किए गए 400 करोड़ में रियायती दरों पर फसली ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे। खेतों में विभिन्न क्षमताओं के सोलर पंपों की स्थापना करने की भी योजना है।
बोले किसान
बजट में शामिल की गई योजना तो ठीक है। लेकिन इन योजना का धरातल पर लाभ मिलेगा। इसकी गारंटी कोई भी सरकार नहीं लेती। - ओमपाल सिंह, किसान
किसान दुर्घटना कल्याण बीमा योजना की राशि बढ़ाना सरकार का अच्छा कदम है। इससे दुर्घटना में मृत किसानों के परिजनों को राहत मिल जाएगी। - महेंद्र सिंह, किसान
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नहरों एवं सरकारी नलकूपों से मुफ्त पानी के लिए 700 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की है। किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा महज छलावा है। गांव में बिजली न आने से फसलों को समय से पानी नहीं मिल पाता। - गुड्डू यादव, किसान
मक्का, धान, गेहूं की फसलों के भुगतान की बात सरकार 72 दिन में करती है लेकिन भुगतान में महीनों लग जाते हैं। इसके चलते किसानों को बिजली के बिल आदि देने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। - कुशलपाल सिंह, किसान
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बुलंदशहर। प्रदेश सरकार ने अपने बजट में 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, जनपद में पैदावार होने वाली फसलों की खरीद पर किसानों को तत्काल भुगतान कराने पर जोर दिया गया है। इस बाबत किसानों का कहना है कि सरकार बजट में शामिल प्रावधानों को धरातल पर उतारे तो किसानों को लाभ मिलेगा। वहीं, किसान जनपद में किसान मुख्य रूप से गन्ना, गेहूं, मक्का, ज्चार, सरसों आदि फसलों की खेती करते हैं। इस बार प्रदेश सरकार के बजट में किसानों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
कृषि प्रधान जनपद बुलंदशहर में 3.60 लाख हेक्टेयर जमीन में खेती होती है। खेती से जनपद के करीब चार लाख किसान जुड़े हुए हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सौ करोड़ का बजट जारी किया गया है। इसके तहत आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना बनाई जाएगी। इसके तहत जनपद में होने वाले अधिक उत्पादन वाली फसल को चिन्हित किया जाएगा और उसी के हिसाब से बाजार तैयार किया जाएगा। वहीं किसानों को बढ़ावा देने के लिए ब्लॉक स्तर पर कृषक उत्पादन संगठनों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को नहरों और सरकारी नलकूपों से मुफ्त पानी दिया जाएगा। इसका लाभ जनपद के किसानों को भी मिलेगा। बजट में पेश किए गए 400 करोड़ में रियायती दरों पर फसली ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे। खेतों में विभिन्न क्षमताओं के सोलर पंपों की स्थापना करने की भी योजना है।
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बोले किसान
बजट में शामिल की गई योजना तो ठीक है। लेकिन इन योजना का धरातल पर लाभ मिलेगा। इसकी गारंटी कोई भी सरकार नहीं लेती। - ओमपाल सिंह, किसान
किसान दुर्घटना कल्याण बीमा योजना की राशि बढ़ाना सरकार का अच्छा कदम है। इससे दुर्घटना में मृत किसानों के परिजनों को राहत मिल जाएगी। - महेंद्र सिंह, किसान
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नहरों एवं सरकारी नलकूपों से मुफ्त पानी के लिए 700 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की है। किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा महज छलावा है। गांव में बिजली न आने से फसलों को समय से पानी नहीं मिल पाता। - गुड्डू यादव, किसान
मक्का, धान, गेहूं की फसलों के भुगतान की बात सरकार 72 दिन में करती है लेकिन भुगतान में महीनों लग जाते हैं। इसके चलते किसानों को बिजली के बिल आदि देने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। - कुशलपाल सिंह, किसान