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Bulandshahar News: फर्जी आइटीसी क्लेम लेने पर दो फर्मों पर एक-एक करोड़ का जुर्माना
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बुलंदशहर। कर चोरी के मामले में जीएसटी विभाग की टीम ने दो बड़ी कंपनियों पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों कंपनियों पर फर्जी तरीके से खरीद-बिक्री दर्शाकर आईटीसी क्लेम करने का आरोप है।
मई में संयुक्त आयुक्त विवेक सिंह के निर्देशन उपायुक्त डीके जायसवाल, अतिरिक्त आयुक्त प्रदीप कुमार ने टीम के साथ सिकंदराबाद स्थित रिलाइबल इंडस्ट्री में जांच की थी। जिसमें पाया गया कि कंपनी संचालकों की ओर से जो आइटीसी क्लेम किया गया उसका कर सरकार को दिया ही नहीं गया। दस्तावेजों और मौके पर मिले स्टॉक के मिलान में भी अंतर मिला। टीम ने मौके पर ही फर्म पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। जीएसटी टीम ने जून में रावत एसोसिएट्स के यहां भी जांच की। वहां भी फर्म संचालक ने फर्जी आइटीसी क्लेम किया था। रावत एसोसिएट्स पर 1.10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। उपायुक्त डीके जायसवाल ने बताया कि दोनों फर्म संचालकों ने जुर्माने की राशि जमा करा दी है। आगे की जांच की जा रही है।
निर्धारित पते नहीं मिली फर्म
कानपुर के जीएसटी विभाग से जानकारी मिली थी कि टैक्स चोरी करने वाली कानपुर के एक फर्म की एक इकाई सिकंदराबाद के औद्योगिक क्षेत्र में भी संचालित की जा रही है। इस जानकारी के बाद बुलंदशहर की टीम ने सिकंदराबाद स्थित फर्म के ठिकाने पर पहुंची, लेकिन उस पते कोई फर्म नहीं मिली।
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मई में संयुक्त आयुक्त विवेक सिंह के निर्देशन उपायुक्त डीके जायसवाल, अतिरिक्त आयुक्त प्रदीप कुमार ने टीम के साथ सिकंदराबाद स्थित रिलाइबल इंडस्ट्री में जांच की थी। जिसमें पाया गया कि कंपनी संचालकों की ओर से जो आइटीसी क्लेम किया गया उसका कर सरकार को दिया ही नहीं गया। दस्तावेजों और मौके पर मिले स्टॉक के मिलान में भी अंतर मिला। टीम ने मौके पर ही फर्म पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। जीएसटी टीम ने जून में रावत एसोसिएट्स के यहां भी जांच की। वहां भी फर्म संचालक ने फर्जी आइटीसी क्लेम किया था। रावत एसोसिएट्स पर 1.10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। उपायुक्त डीके जायसवाल ने बताया कि दोनों फर्म संचालकों ने जुर्माने की राशि जमा करा दी है। आगे की जांच की जा रही है।
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निर्धारित पते नहीं मिली फर्म
कानपुर के जीएसटी विभाग से जानकारी मिली थी कि टैक्स चोरी करने वाली कानपुर के एक फर्म की एक इकाई सिकंदराबाद के औद्योगिक क्षेत्र में भी संचालित की जा रही है। इस जानकारी के बाद बुलंदशहर की टीम ने सिकंदराबाद स्थित फर्म के ठिकाने पर पहुंची, लेकिन उस पते कोई फर्म नहीं मिली।
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