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मृतक शकीला लेती थी मजदूरी का ठेका, पति करता था शक
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मृतक शकीला का फाइल फोटो।
- फोटो : BULANDSHAHR
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मृतक शकीला लेती थी मजदूरी का ठेका, पति करता था शक
शिकारपुर। माजरा अंबेडकरनगर में हुए ट्रिपल मर्डर की मिस्ट्री को पुलिस अभी सुलझाने में जुटी है। हालांकि, इस दौरान सामने आया है कि मृतका शकीला बेटियों और अन्य महिला मजदूरों के साथ एक संगठन के रूप में मजदूरी का ठेका लेती थीं। जिसके कारण उसका और बेटियों का घर से लेट लतीफ आना - जाना होता था। जिस पर सईद शक करता था और आए दिन झगड़ा कर काम करने से रोकता था। हालांकि, पुलिस अभी चुप्पी साधे हुए है।
आरोपी सईद ने अपनी पत्नी शकीला और दो बेटियों रजिया व शबाना को हथौड़े से वार कर मौत के घाट उतार दिया। सईद अपनी पत्नी और बेटियों के चरित्र पर शक करता था। परिजनों ने बताया कि सईद अपनी पत्नी को देर सबेर काम पर जाने से खुश नहीं था। जबकि उसकी पत्नी खेतों में अन्य महिला मजदूरों को साथ में लेकर ठेकेदारी करती थी। आलू खुदाई के दौरान भी वह अपनी बेटियों के साथ काम में लगी रहती थी। यह बात उसके पति सईद को पसंद नहीं थी। इसी बात को लेकर वह पत्नी व बेटियों के चरित्र पर शक करता था। शक के आधार पर ही परिवार में कई बार झगड़ा भी होता था। बेटे ने बताया कि उसके पिता मां और बहनों के काम पर जाने से खुश नहीं थे। इसी बात को लेकर घर में झगड़ा होता था और इसी शक के चलते मां और बहनों की हत्या कर दी गई।
लॉकडाउन में बहनों का निकाह हो जाता तो बच जाती जान
सईद के पुत्र शमशाद ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपने पिता को अस्सी हजार रुपये देकर बहनों का रिश्ता तय कर निकाह करने की सलाह दी थी। उनके पिता यह बात मान भी गए थे। लेकिन मां और भाई के न मानने पर मामला टल गया था। उसने बताया कि यदि परिवार ने मेरी बात मान ली होती और लॉकडाउन में कम खर्चे के चलते दोनों बहनों का निकाह हो जाता तो शायद मां और बहनों की जान बच जाती।
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सईद ने दो माह पूर्व किया था फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास
ग्रामीणों ने बताया कि सईद मानसिक रूप से परेशान था। दो माह पूर्व वह मोहल्ले में दो लोगों के एक प्लॉट के विवाद के दौरान डिप्रेशन में आ गया था। जिसके बाद उसने एक अहाते में जाकर अपने गले में जंजीर का फंदा लगाकर कुंडे से झूल कर आत्महत्या की कोशिश की थी। लेकिन समय रहते लोगों ने उसे देख लिया और फंदे से उतारकर उसकी जान बचा ली।
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शिकारपुर। माजरा अंबेडकरनगर में हुए ट्रिपल मर्डर की मिस्ट्री को पुलिस अभी सुलझाने में जुटी है। हालांकि, इस दौरान सामने आया है कि मृतका शकीला बेटियों और अन्य महिला मजदूरों के साथ एक संगठन के रूप में मजदूरी का ठेका लेती थीं। जिसके कारण उसका और बेटियों का घर से लेट लतीफ आना - जाना होता था। जिस पर सईद शक करता था और आए दिन झगड़ा कर काम करने से रोकता था। हालांकि, पुलिस अभी चुप्पी साधे हुए है।
आरोपी सईद ने अपनी पत्नी शकीला और दो बेटियों रजिया व शबाना को हथौड़े से वार कर मौत के घाट उतार दिया। सईद अपनी पत्नी और बेटियों के चरित्र पर शक करता था। परिजनों ने बताया कि सईद अपनी पत्नी को देर सबेर काम पर जाने से खुश नहीं था। जबकि उसकी पत्नी खेतों में अन्य महिला मजदूरों को साथ में लेकर ठेकेदारी करती थी। आलू खुदाई के दौरान भी वह अपनी बेटियों के साथ काम में लगी रहती थी। यह बात उसके पति सईद को पसंद नहीं थी। इसी बात को लेकर वह पत्नी व बेटियों के चरित्र पर शक करता था। शक के आधार पर ही परिवार में कई बार झगड़ा भी होता था। बेटे ने बताया कि उसके पिता मां और बहनों के काम पर जाने से खुश नहीं थे। इसी बात को लेकर घर में झगड़ा होता था और इसी शक के चलते मां और बहनों की हत्या कर दी गई।
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लॉकडाउन में बहनों का निकाह हो जाता तो बच जाती जान
सईद के पुत्र शमशाद ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपने पिता को अस्सी हजार रुपये देकर बहनों का रिश्ता तय कर निकाह करने की सलाह दी थी। उनके पिता यह बात मान भी गए थे। लेकिन मां और भाई के न मानने पर मामला टल गया था। उसने बताया कि यदि परिवार ने मेरी बात मान ली होती और लॉकडाउन में कम खर्चे के चलते दोनों बहनों का निकाह हो जाता तो शायद मां और बहनों की जान बच जाती।
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सईद ने दो माह पूर्व किया था फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास
ग्रामीणों ने बताया कि सईद मानसिक रूप से परेशान था। दो माह पूर्व वह मोहल्ले में दो लोगों के एक प्लॉट के विवाद के दौरान डिप्रेशन में आ गया था। जिसके बाद उसने एक अहाते में जाकर अपने गले में जंजीर का फंदा लगाकर कुंडे से झूल कर आत्महत्या की कोशिश की थी। लेकिन समय रहते लोगों ने उसे देख लिया और फंदे से उतारकर उसकी जान बचा ली।