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जल संचयन के लिए खेतों में पेड़ युक्त मेड़ जरूरी : स्वतंत्र देव सिंह
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वलीपुरा गेस्ट हाउस पर पार्टी पदाधिकारियों से बातचीत करते जलशक्ति एवं सिंचाई विभाग मंत्री स्वतंत
खुर्जा। क्षेत्र के मूंड़ाखेड़ा नहर पर बृहस्पतिवार शाम को सौंदर्यीकरण और मरम्मत कार्य का जायजा लेने जलशक्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह पहुंचे। करीब 20 मिनट तक उन्होंने निर्माण कार्य और नहर का निरीक्षण किया। इसके अलावा जनसंवाद कर ग्रामीणों से विभिन्न सुझाव भी लिए।
सिंचाई विभाग के बुलंदशहर खंड ने 20 करोड़ रुपये की लागत से करीब डेढ़ साल में मूंड़ाखेड़ा नहर पर घाट निर्माण, सौंदर्यीकरण, चौड़ीकरण और टीएचडीसी थर्मल प्लांट को अलग सप्लाई देने का कार्य किया गया। कार्य पूरा होने में अभी करीब एक माह का समय और है। इसके निरीक्षण के लिए कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देवी सिंह पहुंचे। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि 850 किलोमीटर इस लंबी नहर द्वारा बुलंदशहर के अलावा अलीगढ़, गाजियाबाद, हापुड़ जिले में पानी पहुंचता है। इससे करीब 106 छोटी व बड़ी नहर जुड़ी हैं और 90 हैक्टेयर जमीन पर सिंचाई के लिए पानी आपूर्ति की जाती है। इससे 50 हजार से अधिक ग्रामीणों का लाभ मिल रहा है। यह केवल भाजपा सरकार में ही मुमकिन है। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और ग्रामीणों की सुविधा के लिए काफी प्रयास किए हैं।
मुंडाखेड़ा नहर जो स्थिति में थी अब उससे काफी सुंदर हो गई है। इसको लोग पिकनिक स्पॉट के रूप में भी इस्तेेमाल कर सकते हैं, मगर इसमें ग्रामीणों का सहयोग भी जरूरी है। सरकार विभिन्न योजनाओं से सौंदर्यीकरण कराती है, मगर उसको सुंदर बनाए रखना लोगों का कार्य होता है। जल स्तर को बचाने के लिए जल संचयन करना होगा। इसके लिए लोगों को खेत में मेंढ़, मेंढ़ पर पेड़ जरूर लगाने चाहिए। गांवों में बैठक करनी चाहिए, जिससे खराब पानी को नहर में नहीं छोड़ा जाए, उनको एक जगह जमा करके खेत या खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाए। इस दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री डॉ. चंद्रमोहन, विधायक मीनाक्षी सिंह, विधायक लक्ष्मीराज सिंह, विधायक प्रदीप चौधरी, चेयरपर्सन पति भगवान दास सिंघल आदि मौजूद रहे। इसके अलावा खुर्जा में पूर्व चेयरमैन दीपक गर्ग के आवास पर आवश्यक बैठक की।
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ग्रामीणों से की वार्ता, मांगे सुझाव
कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीणों को अपने पास बुलाकर उनसे वार्ता की और परेशानी सुनी व सुझाव मांगे। अटेरना गांव निवासी रामबीर का कहना है कि सिंचपाल की नियुक्ति की जाए, जिससे ग्रामीणों का पानी मिल सके। ग्रामीण अनिता ने नहर के किनारे सड़क निर्माण का सुझाव दिया। एक ग्रामीण ने नहर के पास पशु स्नान घाट बनवाने की मांग की।
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सिंचाई विभाग के बुलंदशहर खंड ने 20 करोड़ रुपये की लागत से करीब डेढ़ साल में मूंड़ाखेड़ा नहर पर घाट निर्माण, सौंदर्यीकरण, चौड़ीकरण और टीएचडीसी थर्मल प्लांट को अलग सप्लाई देने का कार्य किया गया। कार्य पूरा होने में अभी करीब एक माह का समय और है। इसके निरीक्षण के लिए कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देवी सिंह पहुंचे। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि 850 किलोमीटर इस लंबी नहर द्वारा बुलंदशहर के अलावा अलीगढ़, गाजियाबाद, हापुड़ जिले में पानी पहुंचता है। इससे करीब 106 छोटी व बड़ी नहर जुड़ी हैं और 90 हैक्टेयर जमीन पर सिंचाई के लिए पानी आपूर्ति की जाती है। इससे 50 हजार से अधिक ग्रामीणों का लाभ मिल रहा है। यह केवल भाजपा सरकार में ही मुमकिन है। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और ग्रामीणों की सुविधा के लिए काफी प्रयास किए हैं।
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मुंडाखेड़ा नहर जो स्थिति में थी अब उससे काफी सुंदर हो गई है। इसको लोग पिकनिक स्पॉट के रूप में भी इस्तेेमाल कर सकते हैं, मगर इसमें ग्रामीणों का सहयोग भी जरूरी है। सरकार विभिन्न योजनाओं से सौंदर्यीकरण कराती है, मगर उसको सुंदर बनाए रखना लोगों का कार्य होता है। जल स्तर को बचाने के लिए जल संचयन करना होगा। इसके लिए लोगों को खेत में मेंढ़, मेंढ़ पर पेड़ जरूर लगाने चाहिए। गांवों में बैठक करनी चाहिए, जिससे खराब पानी को नहर में नहीं छोड़ा जाए, उनको एक जगह जमा करके खेत या खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाए। इस दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री डॉ. चंद्रमोहन, विधायक मीनाक्षी सिंह, विधायक लक्ष्मीराज सिंह, विधायक प्रदीप चौधरी, चेयरपर्सन पति भगवान दास सिंघल आदि मौजूद रहे। इसके अलावा खुर्जा में पूर्व चेयरमैन दीपक गर्ग के आवास पर आवश्यक बैठक की।
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ग्रामीणों से की वार्ता, मांगे सुझाव
कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीणों को अपने पास बुलाकर उनसे वार्ता की और परेशानी सुनी व सुझाव मांगे। अटेरना गांव निवासी रामबीर का कहना है कि सिंचपाल की नियुक्ति की जाए, जिससे ग्रामीणों का पानी मिल सके। ग्रामीण अनिता ने नहर के किनारे सड़क निर्माण का सुझाव दिया। एक ग्रामीण ने नहर के पास पशु स्नान घाट बनवाने की मांग की।