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Bulandshahar News: जाली नोट छापने वाले तीन गिरफ्तार, बैंक को 50 लाख का चूना लगाने की थी तैयारी
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बुलंदशहर। नरौरा पुलिस और स्वाट टीम ने नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 12 हजार रुपये के नकली नोट, 14 हजार रुपये के अधबने नोट, प्रिंटर और बाइक बरामद हुई है। गिरोह का मास्टरमाइंड बैंक से 50 लाख का लोन लेकर उसे नकली नोटों से चुकाने की फिराक में था।
एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने बताया कि 23 फरवरी को नरौरा क्षेत्र के बाजार में एक सब्जी विक्रेता को 500-500 रुपये के दो संदिग्ध नोट दिए गए। शक होने पर विक्रेता ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की और स्वाट टीम के साथ मिलकर जाल बिछाया। सूचना पर 24 फरवरी को सिंचाई विभाग कॉलोनी के पास से घेराबंदी कर तीन आरोपियों को दबोच लिया गया। इनकी पहचान भूपेंद्र यादव और कुंवरपाल निवासी उदयभान नगर जनपद संभल और राकेश यादव निवासी गांव भौना नगला थाना जुनावाई जनपद संभल के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान गिरोह के सरगना भूपेंद्र यादव ने खुलासा किया कि वे अब तक छोटी दुकानों, सब्जी मंडी और पशु पैंठ में छोटे-छोटे नकली नोट खपा रहे थे। इसमें सफलता मिलने के बाद भूपेंद्र के दिमाग में एक बड़ी साजिश आई थी। उसने योजना बनाई थी कि श्री श्याम प्रॉपर्टी के नाम से बैंक से करीब 50 लाख रुपये का बड़ा लोन लिया जाए। इस लोन की रकम से ऐशो-आराम किया जाए और जब बैंक की किस्त (ईएमआई) भरने का समय आए तो प्रिंटर से छपे नकली नोटों को असली नोटों की गड्डी के बीच फंसाकर बैंक में जमा कर दिया जाए। इसके लिए उन्होंने हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में उक्त नाम से करंट अकाउंट भी खुलवा लिया था।
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एसपी ने बताया कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था। इनके अन्य संपर्कों और अब तक बाजार में खपाए गए नोटों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
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एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने बताया कि 23 फरवरी को नरौरा क्षेत्र के बाजार में एक सब्जी विक्रेता को 500-500 रुपये के दो संदिग्ध नोट दिए गए। शक होने पर विक्रेता ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की और स्वाट टीम के साथ मिलकर जाल बिछाया। सूचना पर 24 फरवरी को सिंचाई विभाग कॉलोनी के पास से घेराबंदी कर तीन आरोपियों को दबोच लिया गया। इनकी पहचान भूपेंद्र यादव और कुंवरपाल निवासी उदयभान नगर जनपद संभल और राकेश यादव निवासी गांव भौना नगला थाना जुनावाई जनपद संभल के रूप में हुई है।
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पूछताछ के दौरान गिरोह के सरगना भूपेंद्र यादव ने खुलासा किया कि वे अब तक छोटी दुकानों, सब्जी मंडी और पशु पैंठ में छोटे-छोटे नकली नोट खपा रहे थे। इसमें सफलता मिलने के बाद भूपेंद्र के दिमाग में एक बड़ी साजिश आई थी। उसने योजना बनाई थी कि श्री श्याम प्रॉपर्टी के नाम से बैंक से करीब 50 लाख रुपये का बड़ा लोन लिया जाए। इस लोन की रकम से ऐशो-आराम किया जाए और जब बैंक की किस्त (ईएमआई) भरने का समय आए तो प्रिंटर से छपे नकली नोटों को असली नोटों की गड्डी के बीच फंसाकर बैंक में जमा कर दिया जाए। इसके लिए उन्होंने हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में उक्त नाम से करंट अकाउंट भी खुलवा लिया था।
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एसपी ने बताया कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था। इनके अन्य संपर्कों और अब तक बाजार में खपाए गए नोटों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।