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Bulandshahar News: बिन मानचित्र स्वीकृति व अनुमति के चल रहे तीन होटल सील
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खुर्जा। जंक्शन मार्ग पर मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने अवैध रूप से संचालित होटलों पर कार्रवाई की। बिना मानचित्र स्वीकृति और सराय अधिनियम के तहत चलने वाले होटलों को सील किया गया। कार्रवाई के बाद शहर में होटल संचालक परेशान हो गए और कई जगह होटल बंद कर भाग गए।
एसडीएम प्रतीक्षा पांडेय ने बताया कि टैना से सीकरी रोड पर संचालित तीन होटल में देह व्यापार में लिप्त होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ऐसे में नायब तहसीलदार, कोतवाली प्रभारी और बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता के नेतृत्व में संयुक्त टीम जांच करने गई थी।
जांच के दौरान पता चला कि सराय अधिनियम के तहत तीनों होटलों ने अनुमति नहीं ली थी। साथ ही बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत नहीं था। होटल अवैध रूप से बिना मानकों के संचालित हो रहे थे।
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हर महीने होने वाली पुलिस जांच पर उठ रहे सवाल
शासन के निर्देश पर हर महीने पुलिस की ओर से होटल व अन्य आवासीय इमारतों में सुरक्षा की व्यवस्थाओं को लेकर जांच की जाती है। इसमें पुलिस की ओर से आगंतुक रजिस्टर की जांच, आईडी और अन्य मानकों पर जांच की जाती है लेकिन इन होटलों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि यह होटल करीब तीन से चार साल से चल रहे थे। कुछ महीने पहले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में शिकायत भी दी थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी का कहना है होटलों की जांच प्रशासनिक अधिकारी के अंतर्गत आती है। पुलिस केवल सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेती है।
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एसडीएम प्रतीक्षा पांडेय ने बताया कि टैना से सीकरी रोड पर संचालित तीन होटल में देह व्यापार में लिप्त होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ऐसे में नायब तहसीलदार, कोतवाली प्रभारी और बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता के नेतृत्व में संयुक्त टीम जांच करने गई थी।
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जांच के दौरान पता चला कि सराय अधिनियम के तहत तीनों होटलों ने अनुमति नहीं ली थी। साथ ही बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत नहीं था। होटल अवैध रूप से बिना मानकों के संचालित हो रहे थे।
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हर महीने होने वाली पुलिस जांच पर उठ रहे सवाल
शासन के निर्देश पर हर महीने पुलिस की ओर से होटल व अन्य आवासीय इमारतों में सुरक्षा की व्यवस्थाओं को लेकर जांच की जाती है। इसमें पुलिस की ओर से आगंतुक रजिस्टर की जांच, आईडी और अन्य मानकों पर जांच की जाती है लेकिन इन होटलों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि यह होटल करीब तीन से चार साल से चल रहे थे। कुछ महीने पहले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में शिकायत भी दी थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी का कहना है होटलों की जांच प्रशासनिक अधिकारी के अंतर्गत आती है। पुलिस केवल सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेती है।