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Bulandshahar News: तीन दोस्तों की एक साथ उठी अर्थी, गांव में छाया मातम

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 02 Nov 2025 10:37 PM IST
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Three friends were cremated together, mourning gripped the village
सिकंदराबाद के गांव शेरपुर में गमजदा खड़े मृतक तीनों दोस्तों के दोस्त। संवाद
सिकंदराबाद। गौतमबुद्धनगर से शनिवार की रात करीब 10: 30 बजे तीनों दोस्तों के शव गांव लाए गए। शव पहुंचते ही परिजन और ग्रामीण बिलख उठे। हर ओर मातम था, सभी की आंखें नम थीं। देर रात तीनों दोस्तों की एक साथ अर्थी उठी तो हर ओर चित्कार गूंजने लगी। गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।
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औद्योगिक क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी रोहित (20), मोंटू (19), श्वेत (19) की दादरी क्षेत्र में हायर कंपनी के पास डंपर की टक्कर से मौत हो गई थी। तीन अच्छे दोस्त थे और सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी कर रहे थे। रविवार को भी दिनभर गांव में सन्नाटा पसरा रहा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में एक साथ तीन घरों के चिराग बुझ जाने से हर कोई स्तब्ध है। गांव के बुजुर्ग धर्मा, दुलीचंद, खचेड़ू, का कहना है कि उन्होंने पहली बार एक साथ तीन युवाओं की अर्थियां उठती देखी हैं। इस हृदयविदारक दृश्य ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। गांव में चूल्हे नहीं जले। लोग अपने काम पर भी नहीं गए। पीड़ित परिवारों के साथ दिनभर ग्रामीण बैठे रहे। परिजनों ने शासन, प्रशासन से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
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बेटों के अफसर बनने का सपना टूटा

रोहित, मोंटू और श्वेत के परिजन बिलखते हुए कह रहे थे कि बेटों की मौत के साथ ही उनके अफसर बनने का सपना टूट गया। अब केवल उनकी यादें हैं। मोंटू के पिता विनोद ने बताया कि मोंटू परिवार में सबसे बड़ा था। छोटा बेटा दीपांशु हाईस्कूल, बेटी पारूल कक्षा आठ की छात्रा है। वह पंचर लगाने का कार्य करते हैं। मोंटू पढ़ लिखकर जल्द ही अफसर बनकर परिवार का सहारा बनेगा, इसी उम्मीद में वह अपने हर गम को भूलकर परिवार के पालन पोषण के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे। श्वेत के पिता राजकुमार भी मजदूरी करते हैं। श्वेत उनका बड़ा पुत्र था। छोटा बेड़ा स्पर्श हाईस्कूल का छात्र है। श्वेत के सफल होने से परिवार के हालात बदल जाएंगे, इसी उम्मीद में वह जी रहे थे। रोहित के पिता जितेंद्र ने बताया कि रोहित उनका छोटा बेटा था। रोहित की मौत के साथ ही उनकी हर एक उम्मीद टूट गई।
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होनहार थे तीनों दोस्त, हमेशा आते थे प्रथम

रोहित, मोंटू और श्वेत के दोस्त हर्ष, सागर, निक्की, नितिन, मनीष आदि ने बताया कि वह सभी सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए साथ तैयारी कर रहे थे। साथ ही सिकंदराबाद में कोचिंग करते थे। रोहित, मोंटू, श्वेत काफी होनहार थे। हमेशा पढ़ाई में अव्वल आते थे। उन्हें आशा थी कि इस बार तीनों दोस्तों का चयन निश्चित रूप से हो जाएगा।
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