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डिबाई में फिर खुला बिजली के बिलों में लाखों का घपला
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 11 Dec 2016 11:33 PM IST
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पावर कारपोरेशन के डिबाई खंड में फर्जीवाड़े रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। 88 लाख और 37 लाख का फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद डिबाई में अब 50 लाख का फर्जीवाड़ा सामने आया है। फर्जीवाड़े में फंसे बाबू को एसई ने तलब कर वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं।
साथ ही तीन दिन में रसीद बुक और राजस्व जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। नए मामले में डिबाई खंड में तैनात रहे कैशियर रविंद्र कुमार ने छह रसीद बुक सालों से विभाग में जमा नहीं की। न ही इनके सापेक्ष आया 50 लाख रुपये का राजस्व विभाग में जमा कराया गया।
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चीफ इंजीनियर के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता ने एक्सईएन को जांच के निर्देश देते हुए आरोपी बाबू को तलब कर लिया है। बाबू को तलब कर तीन दिन में रसीद बुक और राजस्व जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा आरोपी बाबू का वेतन रोक दिया गया है।
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जांच में यह भी सामने आया है कि डिबाई में 88 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा खुलते ही आरोपी बाबू ने अपना तबादला सर्किल द्वितीय के स्याना खंड में करा लिया ताकि उसके द्वारा किया गया फर्जीवाड़ा उजागर न हो सके।
विद्युत अधिकारियों की छापेमारी से मचा हड़कंप
पॉवर कॉरपोरेशन के अधीक्षण अभियंता राकेश कुशवाहा एवं अधिशासी अभियंता हरीश बंसल ने मोहल्ला शराफतुल्ला एवं सराफ बाजार में अभियान चलाकर छापेमारी की। मोहल्ला शराफतुल्ला में एक व्यक्ति को जेनरेटर द्वारा लोगों को अवैध रूप से बिजली सप्लाई करते हुए पाया गया।
अवर अभियंता हिमांशु कुशवाहा ने बताया कि इस व्यक्ति को बताया गया था कि लाईसेंस लेकर ही लोगों को जेनरेटर द्वारा विद्युत सप्लाई की जाए, अन्यथा उसके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डिबाई में तैनात रहे बाबू रविन्द्र सिंह ने छह रसीद बुक जमा नहीं कराई।
इन पर करीब 50 लाख रुपये के राजस्व के गबन का अनुमान है। मामले की जांच चल रही है। बाबू का वेतन रोककर तीन दिन में रसीद बुक और राजस्व जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।-राकेश कुशवाहा, अधीक्षण अभियंता