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Bulandshahar News: पत्नी धोखाधड़ी कर बनवाना चाहती थी पति का दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र
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बुलंदशहर। नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सुशीला विहार निवासी सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक ने अपनी पुत्रवधू पर मृतक पुत्र का फर्जी तरीके से दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। अधिकारियों से की गई शिकायत और उस पर हुई जांच के बाद नगर पुलिस ने आरोपी पुत्रवधू, उसके भाई और एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक जनेश्वर प्रसाद सिंघल ने बीते दिनों डीएम और एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके पुत्र यतेन्द्र कुमार सिंघल की मृत्यु 6 सितंबर 2020 को अपोलो अस्पताल, नई दिल्ली में हुई थी। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने 21 सितंबर 2020 को इसका आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया था। लेकिन, यतेन्द्र की पत्नी गुंजन सिंघल ने अपने भाई मनीष कंसल और सहयोगी विजय कुमार अग्रवाल के साथ मिलकर धोखाधड़ी की साजिश रची।
सिंघल के मुताबिक, गुंजन सिंघल ने डीएम को गुमराह करते हुए दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया। इस आवेदन में मृत्यु का स्थान गलत तरीके से बुलंदशहर स्थित सुशीला विहार-2 दर्शाया गया, जबकि मृत्यु दिल्ली में हुई थी। आरोप है कि फर्जीवाड़े की हद तब हो गई जब आवेदन के साथ गवाहों के फर्जी शपथपत्र लगाए गए।
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इनमें मनीष कंसल और विजय अग्रवाल ने यह झूठा प्रमाणित किया कि यतेन्द्र की मृत्यु बुलंदशहर में ही हुई थी। सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक सिंघल का दावा है कि यह पूरी साजिश जालसाजी, छल कपट का मामला है, जिसका एकमात्र उद्देश्य था कि दूसरा प्रमाणपत्र जारी होते ही गुंजन सिंघल अपने ससुराल वालों पर हत्या का झूठा आरोप लगाकर फंसा सके और व्यक्तिगत लाभ प्राप्त कर सके।
पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गुंजन सिंघल, मनीष कंसल और विजय कुमार अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और साजिश की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एएसपी ऋजुल कुमार ने बताया कि गहनता से इस प्रकरण की जांच की जा रही है, जल्द ही वारदात का राजफाश कर दिया जाएगा।
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सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक जनेश्वर प्रसाद सिंघल ने बीते दिनों डीएम और एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके पुत्र यतेन्द्र कुमार सिंघल की मृत्यु 6 सितंबर 2020 को अपोलो अस्पताल, नई दिल्ली में हुई थी। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने 21 सितंबर 2020 को इसका आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया था। लेकिन, यतेन्द्र की पत्नी गुंजन सिंघल ने अपने भाई मनीष कंसल और सहयोगी विजय कुमार अग्रवाल के साथ मिलकर धोखाधड़ी की साजिश रची।
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सिंघल के मुताबिक, गुंजन सिंघल ने डीएम को गुमराह करते हुए दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया। इस आवेदन में मृत्यु का स्थान गलत तरीके से बुलंदशहर स्थित सुशीला विहार-2 दर्शाया गया, जबकि मृत्यु दिल्ली में हुई थी। आरोप है कि फर्जीवाड़े की हद तब हो गई जब आवेदन के साथ गवाहों के फर्जी शपथपत्र लगाए गए।
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इनमें मनीष कंसल और विजय अग्रवाल ने यह झूठा प्रमाणित किया कि यतेन्द्र की मृत्यु बुलंदशहर में ही हुई थी। सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक सिंघल का दावा है कि यह पूरी साजिश जालसाजी, छल कपट का मामला है, जिसका एकमात्र उद्देश्य था कि दूसरा प्रमाणपत्र जारी होते ही गुंजन सिंघल अपने ससुराल वालों पर हत्या का झूठा आरोप लगाकर फंसा सके और व्यक्तिगत लाभ प्राप्त कर सके।
पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गुंजन सिंघल, मनीष कंसल और विजय कुमार अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और साजिश की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एएसपी ऋजुल कुमार ने बताया कि गहनता से इस प्रकरण की जांच की जा रही है, जल्द ही वारदात का राजफाश कर दिया जाएगा।