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Bulandshahar News: चोरी की रकम से खरीदा सामान नीलाम कराकर की पीड़ित की भरपाई
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सिकंदराबाद निवासी पीड़ित व्यापरी को नीलामी की रकम का चेक प्रदान करते डीएम-एसएसपी। संवाद
बुलंदशहर। चोरी की रकम से खरीदा सामान नीलाम कराकर पीड़ित को रुपये वापस कराए गए। डीएम ने बताया कि बीएनएस की धारा 107(1) के तहत देश में पहली बार अपराधी की चोरी के पैसों से खरीदे गए माल को नीलाम कराकर प्राप्त 2,17,900 रुपये पीड़ित को वापस कराए गए हैं। पुलिस ने यह पूरी कार्रवाई चार माह में पूरी कर ली है।
जिलाधिकारी कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि दो सितंबर 2024 को सिकंदराबाद निवासी हर्ष अग्रवाल ने कोतवाली सिकंदराबाद पर तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी अनाज मंडी में ही दुकान है। दुकान पर नगर निवासी संदीप, अनुज सैनी और भूरा उर्फ मोहसीन नौकरी करते हैं। आरोपियों ने उनकी दुकान के गल्ले से पांच लाख रुपये चोरी कर लिए हैं। मामले में पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(4) के तहत मुकदमा भी दर्ज कर लिया था।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए उसी दिन तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। साथ ही आरोपियों के पास से चोरी की 1,02,237 रुपये भी बरामद कर लिए थे। आरोपियों से पूछताछ करने पर सामने आया कि उन्होंने चोरी की रकम से एक केटीएम बाइक और एक मोबाइल फोन भी खरीदा था। पुलिस ने बाइक और फोन दोनों कब्जे में ले लिए थे। इसके बाद उक्त मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) की वृद्धि कर दी। बाइक और मोबाइल फोन आरोपी संदीप ने खरीदे थे। इसके बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 107(1) के तहत चोरी के रुपयों से खरीदी गई केटीएम बाइक और मोबाइल फोन को आरोपी के द्वारा अपराध कर प्रत्यक्ष रूप से अर्जित की गई संपत्ती माना।
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इसके बाद न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने डीएम को गत 13 नवंबर को नियमानुसार कुर्की का आदेश दिया। इसी के चलते गत 26 दिसंबर को डीएम के आदेश पर सिकंदराबाद कोतवाली में आरोपी संदीप से बरामद केटीएम बाइक व फोन की नीलामी कराई गई। बाइक की नीलामी 2,01,000 रुपये में और मोबाइल की नीलामी 16,900 रुपये में की गई। नीलामी से कुल 2,17,900 रुपये प्राप्त हुए। जिसे ट्रेजरी में जमा करा दिया गया। अब बुधवार को डीएम एसएसपी ने नीलामी की रकम 2,17,900 रुपये पीड़ित हर्ष अग्रवाल को चेक के रूप में प्रदान किए। डीएम ने बताया कि बीएनएस के तहत की गई यह कार्रवाई देशभर में पहला मामला है।
क्या है बीएनएस की धारा 107(1)
- यह धारा, अपराधिक गतिविधियों से मिली संपत्ति की कुर्की, जब्ती, या पुनः स्थापना से जुड़ी है। - यह धारा, कानून प्रवर्तन और न्यायिक प्राधिकारियों को अपराध की आय के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार देती है।
- पुलिस अधिकारी, चल रही जांच के दौरान न्यायालय से संपत्ति कुर्क करने का अनुरोध कर सकते हैं।
- इस अनुरोध को एसपी या पुलिस आयुक्त को मंजूरी देनी होती है।
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जिलाधिकारी कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि दो सितंबर 2024 को सिकंदराबाद निवासी हर्ष अग्रवाल ने कोतवाली सिकंदराबाद पर तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी अनाज मंडी में ही दुकान है। दुकान पर नगर निवासी संदीप, अनुज सैनी और भूरा उर्फ मोहसीन नौकरी करते हैं। आरोपियों ने उनकी दुकान के गल्ले से पांच लाख रुपये चोरी कर लिए हैं। मामले में पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(4) के तहत मुकदमा भी दर्ज कर लिया था।
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इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए उसी दिन तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। साथ ही आरोपियों के पास से चोरी की 1,02,237 रुपये भी बरामद कर लिए थे। आरोपियों से पूछताछ करने पर सामने आया कि उन्होंने चोरी की रकम से एक केटीएम बाइक और एक मोबाइल फोन भी खरीदा था। पुलिस ने बाइक और फोन दोनों कब्जे में ले लिए थे। इसके बाद उक्त मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) की वृद्धि कर दी। बाइक और मोबाइल फोन आरोपी संदीप ने खरीदे थे। इसके बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 107(1) के तहत चोरी के रुपयों से खरीदी गई केटीएम बाइक और मोबाइल फोन को आरोपी के द्वारा अपराध कर प्रत्यक्ष रूप से अर्जित की गई संपत्ती माना।
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इसके बाद न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने डीएम को गत 13 नवंबर को नियमानुसार कुर्की का आदेश दिया। इसी के चलते गत 26 दिसंबर को डीएम के आदेश पर सिकंदराबाद कोतवाली में आरोपी संदीप से बरामद केटीएम बाइक व फोन की नीलामी कराई गई। बाइक की नीलामी 2,01,000 रुपये में और मोबाइल की नीलामी 16,900 रुपये में की गई। नीलामी से कुल 2,17,900 रुपये प्राप्त हुए। जिसे ट्रेजरी में जमा करा दिया गया। अब बुधवार को डीएम एसएसपी ने नीलामी की रकम 2,17,900 रुपये पीड़ित हर्ष अग्रवाल को चेक के रूप में प्रदान किए। डीएम ने बताया कि बीएनएस के तहत की गई यह कार्रवाई देशभर में पहला मामला है।
क्या है बीएनएस की धारा 107(1)
- यह धारा, अपराधिक गतिविधियों से मिली संपत्ति की कुर्की, जब्ती, या पुनः स्थापना से जुड़ी है। - यह धारा, कानून प्रवर्तन और न्यायिक प्राधिकारियों को अपराध की आय के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार देती है।
- पुलिस अधिकारी, चल रही जांच के दौरान न्यायालय से संपत्ति कुर्क करने का अनुरोध कर सकते हैं।
- इस अनुरोध को एसपी या पुलिस आयुक्त को मंजूरी देनी होती है।
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