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जेवर बस हादसा: गले के लॉकेट से हुई ओमप्रकाश की पहचान, मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल, मातम में डूबा गांव
Sat, 26 Sep 2026 06:29 PM IST
Digvijay Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, छतारी
संवाद न्यूज एजेंसी, छतारी
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 26 Sep 2026 06:29 PM IST
सार
जेवर बस हादसे में जान गंवाने वाले एक मृतक की पहचान छतारी के कीरतपुर गांव निवासी ओमप्रकाश (35) के रूप में हुई। ओमप्रकाश के गले में लटके लॉकेट से उनकी पहचान हो सकी। घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है।
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ओमप्रकाश की मौत से परिजनों में पसरा मातम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जेवर बस हादसे में जान गंवाने वाले एक मृतक की पहचान छतारी के कीरतपुर गांव निवासी ओमप्रकाश (35) के रूप में हुई। ओमप्रकाश के गले में लटके लॉकेट से उनकी पहचान हो सकी। घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है।
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छतारी के कीरतपुर गांव निवासी थान सिंह ने बताया कि उनके बेटे ओमप्रकाश (35) ग्रेटर नोएडा स्थित सूरजपुर में परिवार के साथ रहते थे। वहीं पर ओमप्रकाश ठेकेदारी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। कुछ दिनों पहले ओमप्रकाश के छोटे भाई की सास की मौत हो गई थी, जिसके चलते वह बिहार के महोबा क्षेत्र में गमगीन परिवार से मिलने जा रहे थे।
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इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन बस की सीट बुक की। 23 सितंबर को वह बस में बैठकर रवाना हो गए और जेवर पहुंचने पर बस में आग लग गई। इसके बाद प्रशासन की ओर से आग में झुलसे मृतकों को पोस्टमार्टम हाउस लाया गया। जहां पर मृतकों की पहचान के लिए लोगों से संपर्क किया गया। शुक्रवार को पुलिस की ओर से ओमप्रकाश की पत्नी सीमा से संपर्क किया गया और उनको पोस्टमार्टम हाउस बुलाया गया।
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जहां पर शव के साथ मिले लॉकेट और शरीर पर अन्य निशान के माध्यम से ओमप्रकाश की पहचान हुई। ओमप्रकाश को मृत देख सीमा वहीं बिलख उठी, जिनको किसी तरह संभाला गया। वहीं सूचना पर छतारी क्षेत्र से भी परिजन नोएडा पहुंच गए। इसके बाद शुक्रवार रात को शव को गांव में लाया गया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। वहीं, ओमप्रकाश के तीन बच्चे हैं, जिसमें सबसे बड़ी 16 वर्षीय बेटी मानवी, 14 वर्षीय बेटा विवेक और 12 वर्षीय बेटा यश है। मां और पत्नी घटना के बाद बेसुध हैं और किसी से कोई बात नहीं कर रहीं।