{"_id":"594968c74f1c1bfe2d8b47b0","slug":"the-system-gurabhar-on-soc-indulged-in-corruption","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार में लिप्त एसओसी पर सिस्टम ‘मेहरबान’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार में लिप्त एसओसी पर सिस्टम ‘मेहरबान’
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:56 PM IST
विज्ञापन
coorruption
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चकबंदी की आड़ में भ्रष्टाचार की दुकान चला रहे एसओसी पर सिस्टम पूरी तरह मेहरबान है। आलम यह है कि भ्रष्टाचार और अनियमितता का आरोप सिद्ध होने के बाद भी एसओसी पर शासन स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। हीलाहवाली तब है जब तत्कालीन जिलाधिकारी एसओसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति कर चुके हैं।
विज्ञापन
पांच अगस्त, वर्ष-2016 को याकूबपुर के काश्तकारों ने चकबंदी की आड़ में अवैध वसूली का आरोप लगाकर डीएम से शिकायत की थी। आरोप था कि एसओसी चक पैमाइश की आड़ में किसानों से वसूली करवा रहे हैं। इस संबंध में तत्कालीन डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने एडीएम वित्त बृजेश कुमार को जांच सौंपी थी।
विज्ञापन
एडीएम वित्त बृजेश कुमार ने जांच की तो तमाम आरोप सही पाए। एडीएम वित्त की रिपोर्ट के क्रम में दो लेखपालों को सस्पेंड कर दिया गया जबकि डीएम ने एसओसी पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा।
विज्ञापन
लेकिन अब तक शासन स्तर से एसओसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मृत किसान राजकुमार के परिजनों ने भी चकबंदी अफसरों पर दो लाख रुपये की वसूली का आरोप लगा सिस्टम को कटघरे में ेखड़ा कर दिया है। वहीं, एसओसी विजय कुमार ने बताया कि याकूबपुर का मामला झूठा था। किसानों ने झूठी शिकायतें की थी, ताकि दबाव बनाया जा सके।