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हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं ठप, मरीज बेहाल

Wed, 14 Sep 2016 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर Updated Wed, 14 Sep 2016 11:32 PM IST
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The strike paralyzed health services, patients suffering
संविदा कर्मियों ने ठप की इमरजेंसी सेवाएं - फोटो : ब्यूरो

मांगों को लेकर हड़ताल पर गए संविदा चिकित्सकों और कर्मियों की वजह से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई। हड़ताल का व्यापक असर सरकारी अस्पतालों में देखने को मिला। मरीज बेहाल मिले तो स्वास्थ्य अफसर पसीने छोड़ते दिखाई दिए।

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उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले बुधवार को संविदा पर तैनात चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ हड़ताल पर चला गया। जिला अस्पताल में सीएमओ दफ्तर के बाहर प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि हम शासन से कोई भीख नहीं मांग रहे हैं। हमारी जायज मांगों को भी नहीं सुना जा रहा है।
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डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार नहीं सुनेगी, तब तक वह भी धरने से नहीं उठेंगे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि संविदा पर तैनात होने वाले चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को जनपद और राज्य स्तर पर तैनात अफसरों द्वारा मनमाने तरीके से निकाला जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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शासन द्वारा घोषित रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को भी लागू नहीं किया जा रहा है। आशा कार्यकत्री संघ की जिलाध्यक्ष ने कहा कि उन्हें उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। अफसर तानाशाही रवैया अपना रहे हैं।

आशाओं ने भी संविदाकर्मियों की हड़ताल को समर्थन दिया। इस मौके पर डॉ. अशोक, डॉ. इंदू सागर, डॉ. आशीष, डॉ. अरविंद सैनी, डॉ. तहसीन रजा, डॉ. अमित चौधरी, डॉ. भानुप्रताप सिंह मौजूद रहे।

वहीं, संविदा चिकित्सकों और कर्मियों की हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशानी हुई। ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। अस्पताल में दवा लेने के लिए लंबी लाइन लगी रही। कम चिकित्सक होने के कारण और मरीज अधिक होने के कारण अव्यवस्था फैल गई। इससे मरीजों को काफी परेशानी हुई।

उधर, जिला अस्पताल स्थित काउंटरों पर भी संविदाकर्मी तैनात होने के कारण मरीजों को पर्चा बनवाने में काफी दिक्कत हुई। अस्पताल प्रबंधन ने काउंटरों पर अन्य कर्मचारियों को लगाकर व्यवस्था संभालने का प्रयास किया, लेकिन मरीजों की संख्या ज्यादा होने से बात नहीं बनीं।

अस्पतालों में दिखी मरीजों की लंबी लाइन
संविदा चिकित्सक और कर्मियों की हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल समेत जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में संविदा पर करीब 800 चिकित्सक और कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में इन सभी के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गईं।

अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही।  अस्पताल में इक्का-दुक्का तैनात सरकारी चिकित्सकों को मरीजों को संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अस्पतालों से मरीजों के फोन अफसरों के पास घनघनाते रहे कि अस्पताल में उपचार नहीं मिल पा रहा है। अफसरों को व्यवस्था संभालने में पसीने छूट गए।


उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के मांग पत्र को शासन को भेज दिया गया है। शासन को ही संघ की मांगों पर निर्णय करना है। सभी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हड़ताल चलने तक स्वास्थ्य सेवाएं को व्यवस्था कर सुचारू रखा जाए। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ

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