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डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध से बढ़ी पॉटरी कारोबारियों की मुश्किलें

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 06 Oct 2022 10:27 PM IST
सार

डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध से बढ़ी पॉटरी कारोबारियों की मुश्किलेंखुर्जा।इसमें भी लाखों रुपये का खर्चा लगेगा।- निखिल पोद्दार, पूर्व सचिव, केपीएमएबंद करनी पड़ी फैक्टरीजनरेटर में बदलाव के लिए मिस्त्री नहीं मिल रहे हैं।फैक्टरी बंद करने से त्योहारी सीजन में लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

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The problems of pottery traders increased due to ban on diesel generator

विस्तार

डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध से बढ़ी पॉटरी कारोबारियों की मुश्किलें
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खुर्जा। कोरोना महामारी की मार के बाद अब एनजीटी के आदेशों से पॉटरी कारोबार को 15 करोड़ रुपये का फटका लग रहा है। व्यापारियों ने जिला प्रशासन से भी मांग की कि डीजल जनरेटर को गैस के जनरेटर से बदलने के लिए समय दिया जाए, लेकिन प्रशासन से भी कोई राहत नहीं मिली। जिसके चलते त्योहारी सीजन में पर्याप्त व्यापार न होने से पॉटरी व्यवसायी परेशान हैं।
खुर्जा के पॉटरी उद्योग में करीब 300 से अधिक इकाइयां चल रही हैं। जिसमें 180 छोटी और 120 बड़ी इकाइयां हैं। वर्ष 2020 में लॉकडाउन से पॉटरी कारोबार पूरी तरह से बेपटरी हो गया था। इससे पॉटरियों में बड़े स्तर पर कच्चा और पक्का सामान बर्बाद हुआ था। जिसके कारण व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा था। महामारी से उबरने के बाद अब उद्यमी इस साल की दिवाली और त्योहारों से काफी उम्मीद लगाकर बैठे थे, लेकिन अब एनजीटी की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीजल जनरेटर को बंद कराने के आदेश से व्यापारी परेशान हैं। व्यापारियों का मानना है कि अक्तूबर से नए साल तक का समय पॉटरी व्यवसाय के लिए अहम होता है। अब डीजल जेनरेटर को गैस के जेनरेटर से बदलने के लिए जिला प्रशासन ने भी समय नहीं दिया है। जिससे करीब एक माह का समय लगेगा। इससे पॉटरी व्यापार को एक माह में करीब 15 करोड़ रुपये का फटका लगेगा। पिछले माह में डीएम-सीडीओ द्वारा की गई व्यापारियों के साथ बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि डीजल जेनरेटर संचालन के लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
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मांगा गया था समय
जिला प्रशासन से 20 से 25 दिन बढ़ाने की मांग की गई थी लेकिन अनुमति नहीं मिली है। इसलिए अब उद्यमियों की ओर से जनरेटर बदलवाने पड़ रहे हैं। इसमें भी लाखों रुपये का खर्चा लगेगा।
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- निखिल पोद्दार, पूर्व सचिव, केपीएमए
बंद करनी पड़ी फैक्टरी
जनरेटर में बदलाव के लिए मिस्त्री नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में फैक्टरी बंद करनी पड़ गई है। फैक्टरी बंद करने से त्योहारी सीजन में लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। - नईम कुरैशी, उपाध्यक्ष, केपीएमए
छोटे उद्यमियों को अधिक परेशानी
पिछले दो साल से कोरोना के चलते कारोबार प्रभावित था। वहीं अब जनरेटर के कारण परेशानी हो रही है। नया जनरेटर दस से 15 लाख रुपये तक आता है। मिस्त्री नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में छोटे उद्योग बंद हो गए हैं। - रवि राणा, अध्यक्ष, केपीएमए

पॉटरी के लिए यह महीने सबसे खास
इस महीने में दशहरा, दुर्गा पूजा, दिवाली, भैया दूज और छठ त्योहार हैं। इसलिए इन दिनों क्रॉकरी और सजावटी समानों की अधिक बिक्री होती है। यदि अभी फैक्टरी बंद होती हैं तो लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है। - अनुज गोयल, उद्यमी
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