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जान जोखिम में डालकर डुबकी लगाएंगे श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Mon, 07 Nov 2016 11:23 PM IST
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चामुंडा रेती में कच्चे घाटों का निरीक्षण करते एसडीएम व सीओ।
- फोटो : ब्यूरो
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए जिला और तहसील प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। मगर, जिले में गंगा किनारे पर्याप्त पक्के घाट नहीं होने से लाखों श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर 14 नवंबर को कच्चे घाटों पर डुबकी लगाएंगे। अनूपशहर में गंगा स्नान पर मेला लगता है।
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माड़ू घाट, सिद्धबाबा, अबंतिका देवी मंदिर, रामघाट, राजघाट, नरौरा और कर्णवास के कच्चे घाटों में स्नान करना खतरे से खाली नहीं है। अनूपशहर में गंगा किनारे मात्र 150 मीटर का पक्का घाट है। जबकि, यहां पर कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले में आसपास के जिले के साथ राजस्थान आदि से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
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बबस्टर गंज, भवानी घाट, त्रिवेदी घाट, नया घाट, शिव स्वरूप घाट, दिनेश घाट, लाल घाट, महादेव घाट पर गंगा स्नान होता है। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण चामुंडा की रेती में कच्चे घाट बनाए जाएंगे, जहां पर श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर गंगा स्नान करेंगे। माड़ू घाट पर भी पक्का घाट बन गया है।
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मगर, यहां भी श्रद्धालु बड़ी संख्या मे पहुंचेंगे और बिना घाट गंगा में डुबकी लगाएंगे। अहार क्षेत्र में सिद्धबाबा पर कोई घाट नहीं है और यहां पर श्रद्धालुओं को गंगा स्नान जान जोखिम में डालकर करना होगा। अवंतिका देवी मंदिर के पास भी गंगा स्नान होगा।
नरौरा में पुल से पहले सीढ़ी नहीं हैं। पुल के दूसरी ओर रेती में ही श्रद्धालुओं को गंगा स्नान करना पड़ेगा। रामघाट, राजघाट और कर्णवास में भी पक्के घाट नहीं हैं। बता दें कि, जिला प्रशासन की ओर से गंगा स्नान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसके चलते तैयारियां भी तेज हो चली हैं।
दावा किया जा रहा है कि गंगा स्नान को पुख्ता इंतजाम और सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।मगर, विगत वर्षो में गंगा स्नान के समय डूबने से श्रद्धालुओं की मौत के मामले आते रहे हैं। एसडीएम अनूपशहर भैरपाल सिंह ने बताया कि गंगा स्नान मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। नगर पालिका को बैरीकेट्स बनाने, गोताखोर लगाने और अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाने के आदेश जारी कर दिए हैं।