{"_id":"57867d7d4f1c1b124b13dd37","slug":"the-new-formula-will-increase-road-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब नए फार्मूलों से बनी सड़कों की बढ़ेगी ‘लाइफ’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब नए फार्मूलों से बनी सड़कों की बढ़ेगी ‘लाइफ’
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Wed, 13 Jul 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
फोरलेन
बुलंदशहर। शासन ने सड़क निर्माण का फार्मूला बदल दिया है। अब ग्रामीण क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी की सड़क टूटेंगी नहीं। साथ ही सड़कों की लाइफ ज्यादा होगी। निर्माण एजेंसियों को नए फार्मूला पी-1 और पी-2 तकनीक से सड़कों के निर्माण का आदेश दे दिया गया है।
विज्ञापन
अब तक प्रीमिक्स विद सील कोट पद्धति से सड़कों का निर्माण होता था। प्रीमिक्स तकनीक में तारकोल की मात्रा कम और बजरी अधिक लगाई जाती थी। इससे कुछ ही दिन बाद बजरियां तोरकोल से अलग होकर बिखरने लगती थीं।
विज्ञापन
पी-1 और पी-2 तकनीक में प्रीमिक्स तकनीक से उलट फार्मूले पर सड़कों का निर्माण होगा। इस पद्धति में बजरी कम और तारकोल की मात्रा अधिक लगेगी। इससे तारकोल और गिटिट्यों का जुड़ाव अपेक्षाकृत मजबूत होगा और गिट्टियां अपनी जगह जमी रहेंगी। बताया गया है कि सिविल इंजीनियरों ने इस फार्मूले पर गहन अध्ययन के बाद मुहर लगाई है।
विज्ञापन