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Bulandshahar News: ग्राम पंचायत जालखेड़ा की प्रधान को पद से हटाया
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बुलंदशहर। ग्राम पंचायत जालखेड़ा में विकास कार्यों की राशि में दुरुपयोग का खुलासा होने के बाद ग्राम प्रधान को पद से हटा दिया गया है। यह आदेश डीएम श्रुति ने जारी कर ग्राम प्रधान को दुरुपयोग की गई 1,43,911 रुपये में से आधी राशि जमा करने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं, ग्राम सचिव का वाद हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के कारण अभी कार्रवाई व वसूली नहीं हो सकेगी।
जिला पंचायती राज अधिकारी नवीन कुमार मिश्रा ने बताया कि ग्राम पंचायत जालखेड़ा की ग्राम प्रधान रीना के खिलाफ ग्रामीण अजय कुमार राणा व प्रवीन कुमार आदि ने शिकायत देकर गांव में हुए विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया था। शिकायत मिलने पर इसकी जांच कई अधिकारियों से कराई गई।
जांच में प्रथम दृष्टतया गांव में हुए विकास कार्यों में दुरुपयोग व अनियमितता पाई गई। साथ ही अनाधिकृत रूप से धनराशि का आहरण किए जाने का भी दोषी पाया गया। इसमें ग्राम सचिव तनुजा सिंह की भी मिलीभगत पाई गई। इस पर डीएम की ओर से पहले ग्राम प्रधान को नोटिस जारी किया गया। नोटिस के बाद भी ग्राम प्रधान ने साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए। इस पर ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित किए गए।
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अब गांव के विकास कार्यों में अनियमितता बरतने व राशि का दुरुपयोग करने पर डीएम श्रुति ने ग्राम प्रधान रीना को तत्काल प्रभाव से आदेश जारी कर पद से हटा दिया है। साथ ही दुरुपयोग की गई राशि में से आधी राशि जमा कराने के भी निर्देश दिए हैं। वहीं, दूसरी ओर ग्राम सचिव तनुजा सिंह ने इस मामले में हाईकोर्ट में वाद दायर कर दिया। इसलिए तनुजा सिंह पर अभी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है।
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जिला पंचायती राज अधिकारी नवीन कुमार मिश्रा ने बताया कि ग्राम पंचायत जालखेड़ा की ग्राम प्रधान रीना के खिलाफ ग्रामीण अजय कुमार राणा व प्रवीन कुमार आदि ने शिकायत देकर गांव में हुए विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया था। शिकायत मिलने पर इसकी जांच कई अधिकारियों से कराई गई।
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जांच में प्रथम दृष्टतया गांव में हुए विकास कार्यों में दुरुपयोग व अनियमितता पाई गई। साथ ही अनाधिकृत रूप से धनराशि का आहरण किए जाने का भी दोषी पाया गया। इसमें ग्राम सचिव तनुजा सिंह की भी मिलीभगत पाई गई। इस पर डीएम की ओर से पहले ग्राम प्रधान को नोटिस जारी किया गया। नोटिस के बाद भी ग्राम प्रधान ने साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए। इस पर ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित किए गए।
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अब गांव के विकास कार्यों में अनियमितता बरतने व राशि का दुरुपयोग करने पर डीएम श्रुति ने ग्राम प्रधान रीना को तत्काल प्रभाव से आदेश जारी कर पद से हटा दिया है। साथ ही दुरुपयोग की गई राशि में से आधी राशि जमा कराने के भी निर्देश दिए हैं। वहीं, दूसरी ओर ग्राम सचिव तनुजा सिंह ने इस मामले में हाईकोर्ट में वाद दायर कर दिया। इसलिए तनुजा सिंह पर अभी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है।