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60 करोड़ के भुगतान पर लटकी तलवार
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:42 AM IST
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ठेकेदार और आईपीएच अधिकारियों के अलावा इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों पर भी केस चलाया जा सकता है।
- फोटो : डेमो पिक
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आरएपीडीआरपी में हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार की परतें फिर से उधड़ने लगी हैं। कार्यदायी संस्थाओं के भुगतान पर तलवार लटक गई है। एमडी ने मामले की जांच के बाद फर्मों को भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। आरएपीडीआरपी योजना में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप है।
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त्वरित विद्युत विकास कार्यक्रम योजना (आरएपीडीआरपी) के तहत जिलेभर में करीब 200 करोड़ के विद्युत विकास कार्य कराए गए थे। एमडी से की गई एक शिकायत मेें पता चला था कि सर्किल प्रथम में योजना के तहत किए गए विकास कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार हुआ था।
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अवैध कालोनियों को रोशन कर दिया गया था। पुराने सामान के नए बिल बनवा लिए गए थे। मामले का खुलासा होने के बाद तत्कालीन एमडी ने एसई को जांच के निर्देश दिए थे।
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तत्कालीन एक्सईएन टेस्ट को पूरे मामले की जांच सौंपी गई थी। मामले की जांच रिपोर्ट एक अफसर दबाए बैठा रहा। अब उस अफसर के हटते ही आरएपीडीआरपी की फाइलों से धूल हटनी शुरू हो गई है। एसई को पूरे मामले की जांच के बाद ही भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक बड़े अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच में घिरी फर्मों के भुगतान पर रोक लगाई जा सकती है।