फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   swiper and peon suspend.

मंत्री का आदेश, नपेंगे सीएमएस-सीएमओ

Tue, 01 Mar 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला, बुलंदशहर
अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Tue, 01 Mar 2016 11:16 PM IST
विज्ञापन
swiper and peon suspend.
बुलंदशहर जिले के अस्पताल परिसर में शादी समारोह आयोजित कर डीजे बजाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की शिकायत मिलने पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा जंतु उद्यान राज्य मंत्री डॉ. एसपी यादव ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिया है कि बुलंदशहर के सीएमओ व संबंधित अस्पताल के सीएमएस को तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाए।
विज्ञापन


मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए। सोमवार शाम राज्य मंत्री डॉ. एसपी यादव ने बताया कि बुलंदशहर के जिला महिला चिकित्सालय में रविवार रात शादी समारोह का आयोजन कर डीजे आदि का रंगारंग कार्यक्रम कराया गया।
विज्ञापन


इस आयोजन से अस्पताल में भर्ती मरीजों को काफी दिक्कतें हुईं। मंत्री ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने पर प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को निर्देश दिया गया है कि संबंधित जिले के सीएमओ तथा अस्पताल के सीएमएस को तत्काल हटा दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर आयोजन कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजा जाए। मंत्री ने यह भी बताया कि सूबे के किसी भी अस्पताल में विवाह जैसे समारोहों के आयोजन पर पाबंदी लगा दी गई है। अस्पतालों को मैरिज हाल नहीं बनने दिया जाएगा।

स्वीपर-चौकीदार निलंबित
जिला महिला अस्पताल परिसर में नियमों को तोड़कर शादी समारोह आयोजित करना और डीजे बजाना स्वास्थ्यकर्मियों को भारी पड़ गया है। शासन की फटकार के बाद सीएमओ ने चौकीदार और स्वीपर को सस्पेंड कर दिया।

सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। टीम तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। बता दें कि जिला महिला अस्पताल में रविवार को स्वीपर माया देवी की बेटी की शादी की गई थी।

साइलेंट जोन वाले जिला महिला अस्पताल के गेट पर ही टेंट लगा दिया गया। प्रसूताओं के वार्ड के पीछे खाली पड़ी जगह पर पांडाल लगा दिया गया। शादी में रातभर डीजे बजता रहा।

बाराती जमकर नाचे। अस्पताल परिसर में शराब पी गई। डीजे के शोर से प्रसूता और नवजात बिलबिलाते रहे। अस्पताल परिसर के अंदर बारातियों ने नशे में जमकर हो-हुल्लड़ मचाया।


हद तो तब हो गई, जब किसी चिकित्सक या कर्मी ने इस पर कोई आपत्ति भी नहीं जताई। मरीजों के तीमारदारों ने शिकायत की तो उनकी सुनवाई नहीं हुई।

अफसरों को कॉल की गई तो आरोप है कि उन्होंने काल रिसीव नहीं की। मामला मीडिया में आने के बाद अफसरों की नींद खुली। शासन तक पूरा मामला पहुंच गया।

सूत्रों के मुताबिक प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सीएमओ से पूरे मामले की जानकारी मांगी।

स्वीपर और चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच बैठा दी गई है। एसीएमओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। जांच में दोषी पाए जाने पर चिकित्सक और अन्य स्टाफ के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed