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पांच चीनी मिलों पर 169 करोड़ रुपये बकाया
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पांच चीनी मिलों पर 169 करोड़ रुपये बकाया
बुलंदशहर। जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को चीनी मिल बंद होने के बाद भी अब भी पांच मिलों पर 169 करोड़ रुपये की राशि अटकी पड़ी है। जिले की तीन चीनी मिलों पर 96 करोड़ तो गैर जनपद की दो चीनी मिलों पर 73 करोड़ से अधिक की बकाया गन्ना राशि शेष चल रही है। किसान अपनी गन्ने की राशि जल्द मिलने की आस लगाए बैठे हैं।
जिले में 1.50 लाख से अधिक गन्ना उत्पादक किसान हैं। पिछली बार जिले में 74 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में गन्ने की फसल थी। जिले के किसानों का गन्ना आठ चीनी मिल खरीदती हैं। इनमें चार जिले की साबितगढ़, अनामिका, अनूपशहर और वेव शुगर मिल शामिल हैं। जबकि गैर जनपद की हापुड़ में ब्रजनाथपुर व सिम्भावली, संभल में रजपुरा और अमरोहा की चंदपुर चीनी मिल भी शामिल है। इस बार जिले की चारों मिलों ने 241.42 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की। यह गन्ना 836 करोड़ से अधिक की राशि का रहा और इसमें से अभी तक 739 करोड़ का भुगतान हो चुका, जबकि 96 करोड़ रुपये की राशि बकाया चल रही है। इसी तरह गैर जनपद की ची नी मिलों ने 81.04 लाख क्विंटल से अधिक गन्ना खरीदा, जिसकी कीमत 278 करोड़ से अधिक रही। इसमें से 205 करोड़ की राशि का भुगतान मिलों ने कर दिया, जबकि अभी भी 73 करोड़ का बकाया गन्ना भुगतान चल रहा है। बता दें कि अब तक जनपद की एक और गैर जनपद की दो चीनी दो चीनी मिलों ने अपना पूरा गन्ना भुगतान कर दिया है।
जिले की चीनी मिलों पर चल रहा बकाया भुगतन
चीनी मिल का नाम - बकाया गन्ना भुगतान
साबितगढ़ - 0000
अनामिका - 29.79 करोड़ रुपये
वेव शुगर मिल - 18.54 करोड़ रुपये
अनूपशहर चीनी मिल - 48.24 करोड़ रुपये
गैर जनपद की चीनी मिलों पर चल रहा बकाया भुगतान
चीनी मिल का नाम - बकाया गन्ना भुगतान
सिंभावली चीनी मिल - 35.22 करोड़ रुपये
ब्रजनाथपुर चीनी मिल - 37.85 करोड़ रुपये
चंदनपुर चीनी मिल - 0000
रजपुरा चीनी मिल - 0000
जिले की चीनी मिल गन्ना भुगतान में मंडल में पहले स्थान पर चल रही है। अभी तक मिलों ने 85 फीसदी से अधिक राशि का भुगतान कर दिया है। शेष भुगतान को भी जल्द से जल्द कराने के लिए मिलों से संपर्क जारी है। गैर जनपद की चीनी मिलों को जल्द भुगतान के लिए पत्र जारी किया गया है। - डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी।
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बुलंदशहर। जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को चीनी मिल बंद होने के बाद भी अब भी पांच मिलों पर 169 करोड़ रुपये की राशि अटकी पड़ी है। जिले की तीन चीनी मिलों पर 96 करोड़ तो गैर जनपद की दो चीनी मिलों पर 73 करोड़ से अधिक की बकाया गन्ना राशि शेष चल रही है। किसान अपनी गन्ने की राशि जल्द मिलने की आस लगाए बैठे हैं।
जिले में 1.50 लाख से अधिक गन्ना उत्पादक किसान हैं। पिछली बार जिले में 74 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में गन्ने की फसल थी। जिले के किसानों का गन्ना आठ चीनी मिल खरीदती हैं। इनमें चार जिले की साबितगढ़, अनामिका, अनूपशहर और वेव शुगर मिल शामिल हैं। जबकि गैर जनपद की हापुड़ में ब्रजनाथपुर व सिम्भावली, संभल में रजपुरा और अमरोहा की चंदपुर चीनी मिल भी शामिल है। इस बार जिले की चारों मिलों ने 241.42 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की। यह गन्ना 836 करोड़ से अधिक की राशि का रहा और इसमें से अभी तक 739 करोड़ का भुगतान हो चुका, जबकि 96 करोड़ रुपये की राशि बकाया चल रही है। इसी तरह गैर जनपद की ची नी मिलों ने 81.04 लाख क्विंटल से अधिक गन्ना खरीदा, जिसकी कीमत 278 करोड़ से अधिक रही। इसमें से 205 करोड़ की राशि का भुगतान मिलों ने कर दिया, जबकि अभी भी 73 करोड़ का बकाया गन्ना भुगतान चल रहा है। बता दें कि अब तक जनपद की एक और गैर जनपद की दो चीनी दो चीनी मिलों ने अपना पूरा गन्ना भुगतान कर दिया है।
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जिले की चीनी मिलों पर चल रहा बकाया भुगतन
चीनी मिल का नाम - बकाया गन्ना भुगतान
साबितगढ़ - 0000
अनामिका - 29.79 करोड़ रुपये
वेव शुगर मिल - 18.54 करोड़ रुपये
अनूपशहर चीनी मिल - 48.24 करोड़ रुपये
गैर जनपद की चीनी मिलों पर चल रहा बकाया भुगतान
चीनी मिल का नाम - बकाया गन्ना भुगतान
सिंभावली चीनी मिल - 35.22 करोड़ रुपये
ब्रजनाथपुर चीनी मिल - 37.85 करोड़ रुपये
चंदनपुर चीनी मिल - 0000
रजपुरा चीनी मिल - 0000
जिले की चीनी मिल गन्ना भुगतान में मंडल में पहले स्थान पर चल रही है। अभी तक मिलों ने 85 फीसदी से अधिक राशि का भुगतान कर दिया है। शेष भुगतान को भी जल्द से जल्द कराने के लिए मिलों से संपर्क जारी है। गैर जनपद की चीनी मिलों को जल्द भुगतान के लिए पत्र जारी किया गया है। - डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी।
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