फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Sugar cane FRP

गन्ना : एफआरपी में पांच रुपये की बढ़ोतरी नाकाफी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 26 Aug 2021 10:39 PM IST
विज्ञापन
Sugar cane FRP
गन्ना - फोटो : ?????
गन्ना : एफआरपी में पांच रुपये की बढ़ोतरी नाकाफी
विज्ञापन

बुलंदशहर। केंद्र सरकार की ओर से गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य में पांच रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी पर किसान और किसान नेताओं ने हैरानी जताते हुए इसे किसानों के साथ मजाक करार दिया है। उनका कहना है कि प्रदेश में समर्थन मूल्य लागू है। यह राशि अपर्याप्त यानी छलावा साबित हो रही है। किसान और किसान नेताओं ने सरकार से 450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ने की कीमत तय करने की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि डीजल, यूरिया समेत खेती-किसानी की आवश्यकता के सामानों की कीमत बढ़ रही है। उस अनुपात से उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 80 रुपये बढ़नी चाहिए। प्रदेश सरकार भी न्यूनतम 100 रुपये की बढ़ोतरी करे। एक ओर जहां किसानों की आय दोगुनी करने की बात की जा रही है, वहीं प्रदेश सरकार की ओर से पिछले चार साल से गन्ने का समर्थन मूल्य तक नहीं बढ़ाया है।
बोले किसान और किसान नेता
किसानों के साथ किया छलावा
गन्ने का पांच रुपये बढ़ाना मात्र किसानों के साथ छलावा है और इससे किसान को कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। योगी सरकार ने भी चार साल में गन्ने की कीमत नहीं बढ़ाई है। इस बार 450 रुपये क्विंटल गन्ने की कीमत चाहिए।
विज्ञापन

- मांगेराम त्यागी, जनरल सेक्रेटरी एनसीआर, भारतीय किसान यूनियन।
पांच रुपये बढ़ना किसानों के साथ मजाक
केंद्र सरकार ने पांच रुपये गन्ने का बढ़ाकर किसान के साथ मजाक किया है। केंद्र सरकार के पास डीजल और खाद की कीमत बढ़ाने का अधिकार है। उसी अनुपात में जहां एफआरपी लागू है, वहां अब तक 80 रुपये बढ़ने चाहिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- धर्मेंद्र सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति।
अब रामभरोसे ही हैं किसान
डीजल 90 रुपये प्रति लीटर हो गया। उर्वरक और कीटनाशक के दाम आसमान छू रहे हैं। खेती की लागत डेढ़ गुना बढ़ गई है और किसान को अपनी फसल का लागत मूल्य नहीं मिल रहा। अब तो किसान रामभरोसे ही है।

- पवन तेवतिया, भारतीय किसान यूनियन अंबावता
किसानों को किया जा रहा गुमराह
किसानों को गुमराह किया जा रहा है। कई सालों से लगातार पांच से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी हो रही है। यह बढ़ोतरी लागत के अनुसार बढ़नी चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। इससे प्रदेश के किसानों को लाभ नहीं मिलेगा।
- अनुज कुमार रावत, जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान संगठन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed