फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   sugar cane crop

गन्ने की पौध तैयार करने में जुटे स्वयं सहायता समूह

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 25 Oct 2021 10:42 PM IST
विज्ञापन
sugar cane crop
गन्ने की पौध तैयार करतीं एक स्वयं सहायता समूह की महिलाएं। - फोटो : BULANDSHAHR
गन्ने की पौध तैयार करने में जुटे स्वयं सहायता समूह
विज्ञापन

बुलंदशहर। जिले में स्वयं सहायता समूह गन्ने की पौध तैयार करने में जुट गए हैं। इसके लिए जिला गन्ना विभाग की ओर से 80 समूहों को जिम्मेदारी दी गई है। प्रति पौध सरकार 1.50 रुपये अनुदान देगी और किसान को यह पौधा दो से तीन रुपये तक बेचा जा सकेगा। इस तरह से एक महिला समूह की करीब 40 दिन में अच्छी कमाई होने की संभावना है।
जिले में चार चीनी मिलें हैं। इनमें अनूपशहर, अनामिका, साबितगढ़ और वेव शुगर मिल शामिल हैं। इन सभी मिलों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में 20-20 स्वयं सहायता समूहों का चयन गन्ने की पौध तैयार करने के लिए किया गया है। शासन के आदेश पर जिला गन्ना विभाग ने चयनित स्वयं सहायता समूह से गन्ने की पौध तैयार करवाना शुरू कर दिया है। एक महिला समूह कम से कम 25 हजार पौधे तैयार कर सकता है। गन्ने की पौध तैयार करने में कोई लागत नहीं आएगी क्योंकि महिलाएं अपने ही खेत के गन्ने लेती हैं। जिनके पास खेत नहीं है, उन महिलाओं को गन्ना विभाग की ओर से गन्ना उपलब्ध करवाया जाता है। पौध तैयार करने के लिए सीड ट्रेड शीड कटर निशुल्क उपलब्ध करवाया गया है। महिलाओं द्वारा तैयार की जाने वाली पौध का भी विभागीय अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण कर रहे हैं। 80 समूह से जुड़ी 200 से अधिक महिलाएं गन्ने की पौध तैयार करने में जुटी हैं।
विज्ञापन

नर्सरी में तैयार पौध से बंपर होती है फसल
गन्ना विभाग के अधिकारियों के अनुसार किसान अमूमन पुरानी विधि से ही गन्ने की बुआई करते हैं। इस विधि के तहत खेत में गड्ढा बनाया जाता है और उसमें गन्ने के टुकड़े डाल दिए जाते हैं। इस विधि से खेत में जहां-तहां गन्ने के अंकुर नहीं निकल पाते हैं लेकिन नर्सरी में तैयार पौध से गन्ने की फसल अच्छी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए गन्ने की पौध तैयार करवाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए शासन द्वारा भी उनकी मदद की जाएगी। जनपद में 80 समूह चयनित कर उनसे पौध तैयार करवाई जा रही है। - डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed