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Bulandshahar News: 4500 गन्ना किसानों के बांड हुए बंद, नहीं जारी होगी पर्ची

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 10 Jan 2023 10:12 PM IST
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sugar cane
4500 गन्ना किसानों के बांड हुए बंद, नहीं जारी होगी पर्ची
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बुलंदशहर। सहकारी गन्ना समितियों में जमीन की खतौनी न जमा करना किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। ऐसे करीब 4500 गन्ना किसानों के बांड बंद कर दिए गए हैं। अब इन किसानों की गन्ना पर्ची जारी नहीं होगी। समिति पर खतौनी जमा करवाने के लिए कई बार समय दिया गया था। बावजूद इसके किसानों ने खतौनी जमा नहीं करवाई।
गन्ना किसानों का बांड बनाने के लिए विभाग की ओर से लगातार सख्ती बरती जा रही है। कई सट्टाधारक यानी गन्ना बांड बनवाने वाले किसान ऐसे होते थे, जिनके नाम पर जमीन नहीं होती थी लेकिन फिर भी वह किसी तरह से अपना बांड बनवा लेते थे और किसानों से कम कीमत पर गन्ना खरीदकर मिलों को बेचते थे। ऐसे किसानों को चिह्नित करने के लिए गन्ना विभाग ने पिछले साल से किसानों से बैंक खाते व अन्य जानकारी के साथ जमीन की खतौनी भी देने को कहा था। अब जिन किसानों ने खतौनी नहीं जमा की या जिनके नाम जमीन नहीं थी, उनका गन्ना सट्टा बंद कर दिया गया है।
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जिले में इस बार करीब 75 हजार हेक्टेयर भूमि में गन्ने की पैदावार की गई है। गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या 1.40 लाख से अधिक है। यह किसान जिले की चार चीनी मिलों साबितगढ़, अनामिका, अनूपशहर और वेव शुगर मिल के अलावा गैर जनपद की चार चीनी मिलों संभल की रजपुरा, अमरोहा की चंदनपुर और हापुड़ की ब्रजनाथपुर और सिम्भावली चीनी मिल को अपना गन्ने बेचते हैं।
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बार-बार मांगे जाने के बाद भी गन्ना समिति में अपनी खतौनी जमा न करवाने वाले किसानों के बांड तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए गए हैं। अब इन किसानों की गन्ना पर्ची भी जारी नहीं होगी। - बृजेश पटेल, जिला गन्ना अधिकारी।
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