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सुदीक्षा प्रकरण : पुलिस बोली नहीं हुई छेड़छाड़
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सुदीक्षा प्रकरण : पुलिस बोली नहीं हुई छेड़छाड़
बुलंदशहर। सुदीक्षा मौत की गुत्थी सुलझाने का दंभ भर रही बुलंदशहर पुलिस व प्रशासन की टीम हादसे से पूर्व सुदीक्षा के साथ हुई छेड़छाड़ को सिरे से नकार रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को सड़क दुर्घटना व एमवी एक्ट की धारा में चालान कर जेल भेजा है। हालांकि सुदीक्षा के परिजन अभी भी छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे हैं, उनका कहना है कि छेड़छाड़ के चलते ही हादसा हुआ।
गौरतलब है कि गत दस अगस्त को बादलपुर थाना क्षेत्र के गांव डेरी स्कनर निवासी सुदीक्षा की औरंगाबाद थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। मामले में मृतका के परिजनों ने बयान जारी कर बताया था कि हादसे से पूर्व बुलेट पर सवार दो व्यक्ति उनकी बाइक का पीछा कर रहे थे, जिन्होंने सुदीक्षा के साथ छेड़छाड़ की। आरोपियाें ने कई बार अपनी बाइक को उनकी बाइक के आगे पीछे किया था। साथ ही आरोपियों ने उनकी बाइक के आगे आकर अचानक ब्रेक लगा दिए। जिससे जिस बाइक पर सुदीक्षा सवार थी वह बाइक आरोपियों की बाइक में पीछे से जा टकराई। हादसे में सुदीक्षा की मौत हो गई थी। पुलिस ने रविवार को राजफाश किया तो उसमें छेड़छाड़ की बात को सिरे से नकार दिया। अमर उजाला से बातचीत में सुदीक्षा के पिता जितेंद्र भाटी और चाचा सुनील भाटी ने बताया कि जिस क्षेत्र में हादसा हुआ, वहां सीसीटीवी नहीं था। पुलिस को इन आरोपियों का चालान छेड़छाड़ की धारा में भी करना चाहिए था।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मृतका के परिजनों से शिनाख्त करा दी गई है। बाइक को मृतका का चाचा नहीं बल्कि उसका चचेरा भाई चला रहा था। जबकि, प्रारंभिक जांच में छेड़छाड़ होना सामने नहीं आया है। मृतका के परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं।
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- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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बुलंदशहर। सुदीक्षा मौत की गुत्थी सुलझाने का दंभ भर रही बुलंदशहर पुलिस व प्रशासन की टीम हादसे से पूर्व सुदीक्षा के साथ हुई छेड़छाड़ को सिरे से नकार रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को सड़क दुर्घटना व एमवी एक्ट की धारा में चालान कर जेल भेजा है। हालांकि सुदीक्षा के परिजन अभी भी छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे हैं, उनका कहना है कि छेड़छाड़ के चलते ही हादसा हुआ।
गौरतलब है कि गत दस अगस्त को बादलपुर थाना क्षेत्र के गांव डेरी स्कनर निवासी सुदीक्षा की औरंगाबाद थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। मामले में मृतका के परिजनों ने बयान जारी कर बताया था कि हादसे से पूर्व बुलेट पर सवार दो व्यक्ति उनकी बाइक का पीछा कर रहे थे, जिन्होंने सुदीक्षा के साथ छेड़छाड़ की। आरोपियाें ने कई बार अपनी बाइक को उनकी बाइक के आगे पीछे किया था। साथ ही आरोपियों ने उनकी बाइक के आगे आकर अचानक ब्रेक लगा दिए। जिससे जिस बाइक पर सुदीक्षा सवार थी वह बाइक आरोपियों की बाइक में पीछे से जा टकराई। हादसे में सुदीक्षा की मौत हो गई थी। पुलिस ने रविवार को राजफाश किया तो उसमें छेड़छाड़ की बात को सिरे से नकार दिया। अमर उजाला से बातचीत में सुदीक्षा के पिता जितेंद्र भाटी और चाचा सुनील भाटी ने बताया कि जिस क्षेत्र में हादसा हुआ, वहां सीसीटीवी नहीं था। पुलिस को इन आरोपियों का चालान छेड़छाड़ की धारा में भी करना चाहिए था।
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आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मृतका के परिजनों से शिनाख्त करा दी गई है। बाइक को मृतका का चाचा नहीं बल्कि उसका चचेरा भाई चला रहा था। जबकि, प्रारंभिक जांच में छेड़छाड़ होना सामने नहीं आया है। मृतका के परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं।
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- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी