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हड़ताल से लड़खड़ाई व्यवस्था, बैरंग लौटे लोग
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जिला अस्पताल में धरना प्रदर्शन करते संविदा कर्मचारी।
- फोटो : BULANDSHAHR
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हड़ताल से लड़खड़ाई व्यवस्था, बैरंग लौटे लोग
बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदा कर्मी और चिकित्सक सात सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। संविदा कर्मियों की हड़ताल से जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। मरीज और तीमारदार इलाज, कोविड जांच और टीकाकरण के लिए परेशान रहे। वहीं, धरनारत कर्मियों को मनाने का एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक कुमार मिश्र, एएसपी और सीएमओ ड़ॉ. विनय कुमार सिंह द्वारा प्रयास किया गया, जो विफल रहा। धरनारत कर्मियों का कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले संविदा कर्मियों और चिकित्सकों ने शनिवार से जिला अस्पताल परिसर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया। उनके धरने में शामिल होने से स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गईं। उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की बुलंदशहर शाखा के अध्यक्ष डॉ कमलेंद्र भारद्वाज ने बताया कि मिशन निदेशक के साथ पूर्व हुई वार्ता विफल रही। इसके चलते प्रांतीय आह्वान पर आंदोलन शुरू कर दिया गया। बताया कि संविदा कर्मियों ने दो साल तक कोरोना काल मे बिना कुछ मांगे काम किया। लेकिन शासन द्वारा पूर्व से चली आ रही मांगों को लेकर नजरअंदाज किया जा रहा है। इस कारण जिले में सभी कर्मियों का धरना जारी रहेगा। बताया कि उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ को स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य संगठनों का भी सहयोग मिल रहा है। इस दौरान जिलेभर से संविदा चिकित्सक, एएनएम और अन्य कर्मी कार्य बहिष्कार कर धरने में मौजूद रहे।
हड़ताल के कारण घटा टीकाकरण और जांच
संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण शनिवार को टीकाकरण और कोविड जांच के ग्राफ में काफी गिरावट दर्ज हुई। शुक्रवार को जिले में कोविड जांच की संख्या 2500 के करीब थी तो शनिवार को यह घटकर 516 रहीं। वहीं, दूसरी ओर जिले में चल रहे कोरोना से बचाव के टीकाकरण में भी काफी कमी दर्ज हुई। शुक्रवार को जिले के 81 केंद्रों पर जहाँ 18,880 लोगों को टीका लगाया गया। वहीं, शनिवार को 81 केंद्रों पर 157 सत्र का आयोजन कर शाम छह बजे तक 10,077 लोगों को टीका लगाया जा सका।
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बोले लोग =
जांच कराने आई थी, बैरंग लौटना पड़ा
कोविड जांच कराने के लिए आई थी। लेकिन केंद्र पर तैनात कर्मियों के धरने में शामिल होने के कारण काफी समय तक इंतजार किया। कर्मियों के न आने पर बैरंग लौटना पड़ा।
- दामिनी
भीड़ अधिक होने के कारण नहीं लगवा पाया
कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाने आया। एक केंद्र पर टीका लगवाने वाले कर्मियों के धरने में शामिल होने के कारण जिला अस्पताल पहुंचा। यहां काफी भीड़ लगी होने पर बैरंग लौट आया।
- चरण सिंह
हड़ताल के कारण नहीं करा पाया इलाज
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने पर जिला अस्पताल आना पड़ा। यहां कर्मियों के हड़ताल में बैठे होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं लेने से वंचित रहना पड़ा।
- रवि सिसोदिया
सुबह ही पहुंचा पर नहीं करा सका जांच
परिजनों संग कोविड जांच और ब्लड की जांच कराने के लिए सुबह ही अस्पताल पहुंच गया। लेकिन संविदा कर्मियों के हड़ताल के कारण लौटना पड़ा।
- भूप सिंह
हड़ताल से प्रभावित रहीं स्वास्थ्य सेवाएं
संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। स्थाई स्टाफ से काफी सेवाएं दिलवाई गई, हड़ताल से टीकाकरण और कोविड जांच पर भी फर्क देखा गया। प्रयास किये जा रहे है कि कर्मियों की हड़ताल जल्द समाप्त हो और सभी कार्य पर लौट आए।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदा कर्मी और चिकित्सक सात सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। संविदा कर्मियों की हड़ताल से जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। मरीज और तीमारदार इलाज, कोविड जांच और टीकाकरण के लिए परेशान रहे। वहीं, धरनारत कर्मियों को मनाने का एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक कुमार मिश्र, एएसपी और सीएमओ ड़ॉ. विनय कुमार सिंह द्वारा प्रयास किया गया, जो विफल रहा। धरनारत कर्मियों का कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले संविदा कर्मियों और चिकित्सकों ने शनिवार से जिला अस्पताल परिसर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया। उनके धरने में शामिल होने से स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गईं। उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की बुलंदशहर शाखा के अध्यक्ष डॉ कमलेंद्र भारद्वाज ने बताया कि मिशन निदेशक के साथ पूर्व हुई वार्ता विफल रही। इसके चलते प्रांतीय आह्वान पर आंदोलन शुरू कर दिया गया। बताया कि संविदा कर्मियों ने दो साल तक कोरोना काल मे बिना कुछ मांगे काम किया। लेकिन शासन द्वारा पूर्व से चली आ रही मांगों को लेकर नजरअंदाज किया जा रहा है। इस कारण जिले में सभी कर्मियों का धरना जारी रहेगा। बताया कि उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ को स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य संगठनों का भी सहयोग मिल रहा है। इस दौरान जिलेभर से संविदा चिकित्सक, एएनएम और अन्य कर्मी कार्य बहिष्कार कर धरने में मौजूद रहे।
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हड़ताल के कारण घटा टीकाकरण और जांच
संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण शनिवार को टीकाकरण और कोविड जांच के ग्राफ में काफी गिरावट दर्ज हुई। शुक्रवार को जिले में कोविड जांच की संख्या 2500 के करीब थी तो शनिवार को यह घटकर 516 रहीं। वहीं, दूसरी ओर जिले में चल रहे कोरोना से बचाव के टीकाकरण में भी काफी कमी दर्ज हुई। शुक्रवार को जिले के 81 केंद्रों पर जहाँ 18,880 लोगों को टीका लगाया गया। वहीं, शनिवार को 81 केंद्रों पर 157 सत्र का आयोजन कर शाम छह बजे तक 10,077 लोगों को टीका लगाया जा सका।
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जांच कराने आई थी, बैरंग लौटना पड़ा
कोविड जांच कराने के लिए आई थी। लेकिन केंद्र पर तैनात कर्मियों के धरने में शामिल होने के कारण काफी समय तक इंतजार किया। कर्मियों के न आने पर बैरंग लौटना पड़ा।
- दामिनी
भीड़ अधिक होने के कारण नहीं लगवा पाया
कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाने आया। एक केंद्र पर टीका लगवाने वाले कर्मियों के धरने में शामिल होने के कारण जिला अस्पताल पहुंचा। यहां काफी भीड़ लगी होने पर बैरंग लौट आया।
- चरण सिंह
हड़ताल के कारण नहीं करा पाया इलाज
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने पर जिला अस्पताल आना पड़ा। यहां कर्मियों के हड़ताल में बैठे होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं लेने से वंचित रहना पड़ा।
- रवि सिसोदिया
सुबह ही पहुंचा पर नहीं करा सका जांच
परिजनों संग कोविड जांच और ब्लड की जांच कराने के लिए सुबह ही अस्पताल पहुंच गया। लेकिन संविदा कर्मियों के हड़ताल के कारण लौटना पड़ा।
- भूप सिंह
हड़ताल से प्रभावित रहीं स्वास्थ्य सेवाएं
संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। स्थाई स्टाफ से काफी सेवाएं दिलवाई गई, हड़ताल से टीकाकरण और कोविड जांच पर भी फर्क देखा गया। प्रयास किये जा रहे है कि कर्मियों की हड़ताल जल्द समाप्त हो और सभी कार्य पर लौट आए।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ