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कोर्ट में जाने से रुके 10 करोड़ के टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Fri, 29 Apr 2016 10:31 PM IST
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अदालत
- फोटो : अमर उजाला
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टेंडर और ठेकेदारों के पंजीकरण-नवीनीकरण का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचने से जिला पंचायत परिषद ने 10 करोड़ के टेंडर्स की बिक्री पर रोक लगा दी है। आरोप है कि जिला पंचायत में नियम के उलट 14 ठेकेदारों का पंजीकरण और नवीनीकरण किया गया। हाइकोर्ट का आदेश आने तक टेंडर की बिक्री नहीं की जाएगी।
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जिला पंचायत परिषद ने ठेकेदारों के पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए छह फरवरी को आवेदन मांगे थे। इसी क्रम में 161 ठेकेदारोें ने आवेदन पत्र जमा कर दिए। जो ठेकेदार आवेदन जमा नहीं कर पाए थे। उन्होंने 23 अप्रैल को पंजीकरण और नवीनीकरण कराने का अनुरोध जिला पंचायत परिषद से किया था।
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इसके लिए 11 अप्रैल को फिर से विज्ञापन निकाला गया। बाद में ठेकेदारों का नवीनीकरण और पंजीकरण कर दिया गया। इससे क्षुब्ध 32 ठेकेदारों ने 24 अप्रैल को हाईकोर्ट इलाहाबाद में रिट दाखिल कर दी। जिसकी सुनवाई 28 और 29 अप्रैल को मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में हुई।
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मामला कोर्ट में पहुंचने के कारण अमर मुख्य अधिकारी प्रदीप कुमार ने टेंडर की बिक्री पर एहतियातन रोक लगा दी है। एएमए प्रदीप कुमार का कहना है कि हाइकोर्ट के निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
बता दें कि 24 अप्रैल को बोर्ड बैठक में जिला पंचायत सदस्य सुनील चरोरा ने ठेकेदारों के पंजीकरण और नवीनीकरण का मुद्दा उठाया था। इसी प्रकार वर्ष 2007 में भी नवीनीकरण का मामला कोर्ट पहुंच गया था।
वहीं, इस संबंध में एएमए प्रदीप कुमार शुक्रवार को डीएम शुभ्रा सक्सेना से मिले। उन्होंने पंजीकरण और नवीनीकरण की आख्या डीएम को सौंप दी है। डीएम ने एएमए को दिशा निर्देश भी दिए हैं।