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Bulandshahar News: बीएचटी गुम मामले में स्टाफ नर्स की निकली लापरवाही
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बुलंदशहर। मेडिकल कॉलेज के नए भवन में भर्ती किए दो मरीजों की बीएचटी गुम मामले में उच्च अफसरों ने संज्ञान में लेकर जांच शुरू करवा दी है। समाचार प्रकाशित होने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन जांच करवा रहा है। अभी तक की जांच में प्रथम दृष्टया स्टाफ नर्स की लापरवाही सामने आ रही है। वहीं, इमरजेंसी में तैनात वार्ड बॉय से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। मामले की जांच अभी चल रही है।
नगर के गंगानगर निवासी तीन-तीन वर्षीय रूद्राक्ष व अक्षिका के थायराइड की दवा खाने पर 19 जुलाई को दोपहर करीब 02:20 पर मां लेकर पहुंची। मेडिकल कॉलेज के नए चिकित्सालय में इमरजेंसी में दोनों बच्चे की हालत गंभीर देख चिकित्सक ने भर्ती करा बीएचटी (शय्या पत्रक) बना वार्ड में भेज दिया गया। इस दौरान परिजन स्वयं अपने बच्चों और बीएचटी को लेकर बच्चा वार्ड में पहुंचे।
यहां तैनात स्टाफ ने परिजनों से जानकारी करने के बाद उन्हें सरकारी की जगह निजी चिकित्सालय में ले जाने की सलाह दी। स्टाफ नर्स की बात पर परिजन भड़क गए और बिना बीएचटी दिए दोनों बच्चों को लेकर चले गए। भर्ती करने के एक घंटे बाद करीब 03:15 पर बीएचटी न मिलने पर इमरजेंसी स्टाफ ने पुलिस को सूचना भेजी।
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बीएचटी गुम होने को अमर उजाला ने संज्ञान में लेकर 20 जुलाई को अस्पताल में भर्ती दो बच्चे बेड पर नहीं मिले शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसे शासन ने संज्ञान में लेकर जिले के स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मांगी। सीएमओ ने यह पत्र सीएमएस कार्यालय भेजा है। पत्र मिलने पर मेडिकल कॉलेज मामले की जांच में जुट गया है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धीर सिंह का कहना है कि दो मरीजों की बीएचटी गायब मिलने के मामले में पुलिस को सूचना भेजी जा चुकी है। मामले की जांच करवा रहे हैं। स्टाफ नर्स की भी इसमें लापरवाही मिली है। जांच पूरी होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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नगर के गंगानगर निवासी तीन-तीन वर्षीय रूद्राक्ष व अक्षिका के थायराइड की दवा खाने पर 19 जुलाई को दोपहर करीब 02:20 पर मां लेकर पहुंची। मेडिकल कॉलेज के नए चिकित्सालय में इमरजेंसी में दोनों बच्चे की हालत गंभीर देख चिकित्सक ने भर्ती करा बीएचटी (शय्या पत्रक) बना वार्ड में भेज दिया गया। इस दौरान परिजन स्वयं अपने बच्चों और बीएचटी को लेकर बच्चा वार्ड में पहुंचे।
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यहां तैनात स्टाफ ने परिजनों से जानकारी करने के बाद उन्हें सरकारी की जगह निजी चिकित्सालय में ले जाने की सलाह दी। स्टाफ नर्स की बात पर परिजन भड़क गए और बिना बीएचटी दिए दोनों बच्चों को लेकर चले गए। भर्ती करने के एक घंटे बाद करीब 03:15 पर बीएचटी न मिलने पर इमरजेंसी स्टाफ ने पुलिस को सूचना भेजी।
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बीएचटी गुम होने को अमर उजाला ने संज्ञान में लेकर 20 जुलाई को अस्पताल में भर्ती दो बच्चे बेड पर नहीं मिले शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसे शासन ने संज्ञान में लेकर जिले के स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मांगी। सीएमओ ने यह पत्र सीएमएस कार्यालय भेजा है। पत्र मिलने पर मेडिकल कॉलेज मामले की जांच में जुट गया है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धीर सिंह का कहना है कि दो मरीजों की बीएचटी गायब मिलने के मामले में पुलिस को सूचना भेजी जा चुकी है। मामले की जांच करवा रहे हैं। स्टाफ नर्स की भी इसमें लापरवाही मिली है। जांच पूरी होने पर कार्रवाई की जाएगी।