फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   SSP cast ball in CMO's ball

एसएसपी ने सीएमओ के पाले में डाली गेंद

Mon, 27 Mar 2017 10:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर Updated Mon, 27 Mar 2017 10:30 PM IST
विज्ञापन
SSP cast ball in CMO's ball
सरकारी अस्पतालों में बढ़ी डॉक्टरों की हड़ताल से परेशान लोगों की भीड़ ।

निजी अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत के बाद मामला तूल पकड़ते ही बैकफुट पर आए पुलिस प्रशासन ने अब स्वास्थ्य विभाग के पाले में गेंद डाल दी है। आईएमए की हड़ताल के बाद एसएसपी ने सीएमओ को जांच के लिए पत्र लिखा है।

विज्ञापन


सीएमओ की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। माना जा रहा है कि चिकित्सक के खिलाफ लगाई गई आईपीसी की धारा 304 (ए) को हटाया जा सकता है। गत बृहस्पतिवार शाम को शिकारपुर बाईपास स्थित हैरीटेज अस्पताल में ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई थी।
विज्ञापन


चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। गुस्साए परिजनों ने चिकित्सक के साथ मारपीट भी की थी। इसके अलावा चिकित्सक के खिलाफ मृतका के पिता की तहरीर पर आईपीसी की धारा 304 (ए) समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


चिकित्सक के साथ मारपीट और रिपोर्ट दर्ज करने के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हड़ताल पर चला गया। पिछले तीन दिनों से डॉक्टरों की हड़ताल चल रही है, जिसके कारण पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। बैकफुट पर आए पुलिस प्रशासन ने चिकित्सक की तहरीर पर मृतका के पिता और 15-20 लोगों के खिलाफ अज्ञात में रिपोर्ट भी दर्ज कर ली।

कुछ आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया। इसके बाद भी डॉक्टरों की हड़ताल खत्म नहीं हुई है। आईएमए चिकित्सक के खिलाफ दर्ज 304 (ए) की धारा को हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है। चिकित्सकों का विरोध देख पुलिस प्रशासन पूरी तरह बैकफुट पर है।

एसएसपी ने महिला की मौत की जांच के लिए सीएमओ को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी है। अब सीएमओ की रिपोर्ट के बाद ही पुलिस कार्रवाई करेगी। माना जा रहा है कि सीएमओ की रिपोर्ट को आधार बनाकर रिपोर्ट से धारा 304 (ए) को हटाया जा सकता है।

आईएमए चिकित्सकों ने भरी हुंकार
आईएमए सचिव के साथ हुई मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने और रिपोर्ट से 304 (ए) को नहीं हटाने के विरोध में चिकित्सकों ने हुंकार भरी। आईएमए के डॉ. एसएम अग्रवाल ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन का आकार और बढ़ाया जा सकता है।

विरोध करने वालों में आईएमए के डॉ. वीरेन्द्र कुमार , डॉ. एसके गर्ग, डॉ. डीके शर्मा, डॉ. शील परिहार, डॉ. नरेन्द्र चौहान, डॉ. शोभा गर्ग, डॉ. मंजरी अग्रवाल, डॉ. यतेन्द्र शर्मा, डॉ. संजीव अग्रवाल, डॉ. अरुण बंसल, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. सतीश नागर शामिल रहे।

सरकारी डॉक्टरों ने बांधी काली पट्टी
आईएमए की हड़ताल का समर्थन करते हुए प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ भी आगे आया है। सोमवार को जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया।

प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के सचिव डॉ. आशीष प्रकाश ने कहा कि यदि आईएमए सचिव पर लगी धारा 304 (ए) को नहीं हटाया जाता है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है, तब तक विरोध जारी रहेगा। यदि तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ भी बड़ा ऐलान कर सकती है।


सरकारी अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़
आईएमए चिकित्सकों की हड़ताल के कारण सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य तौर पर 1000-1200 मरीज आते हैं, लेकिन सोमवार को जिला अस्पताल में 1600 मरीज पहुंचे। यही हाल जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों का रहा। वहीं आईएमए चिकित्सकों की हड़ताल से निजी अस्पतालों पर खालीपन नजर आया।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed