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Bulandshahar News: नारंगी रंग की पोशाक में सजीं स्कंदमाता, केले का लगाया भोग
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नारंगी रंग की पोशाक में सजीं स्कंदमाता।
- फोटो : bulandshahr
खुर्जा। नवदुर्गा शक्ति मंदिर में रविवार को मां स्कंदमाता के स्वरूप में माता की मूर्ति को नारंगी रंग की पोशाक पहनाई गई। वहीं माता रानी को केले का भोग लगाया गया। रविवार को लाखों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। मंदिर में सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई थी। दोपहर से रात तक नवरात्र मेले में काफी भीड़ उमड़ी रही।
मंदिर के पुजारी राजकुमार वशिष्ठ ने बताया की स्कंदमाता नारंगी रंग की पोशाक धारण करती हैं। उन्होंने बताया की भगवान स्कंद कुमार कार्तिकेय नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। पुराणों में इन्हें कुमार और शक्ति कहकर इनकी महिमा का वर्णन किया गया है। इन्हीं भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां दुर्गा के इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है। रविवार का दिन होने के कारण सुबह मंदिर पर श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगनी शुरू हो गई, जो मंदिर प्रांगण के अलावा काफी दूर तक लगी रही।
खुर्जा ही नहीं दूर-दूर से लोग माता के दर्शन के लिए आ रहे थे। वहीं परिवार संग लोग माता रानी का दर्शन करने आए। वहीं समूह में मंदिर की परिक्रमा की। गांवों में लोग टोलियों के साथ माता रानी के भजन कीर्तन गाते हुए मंदिर पहुंचे। वहीं कुछ लोग जमीन पर दंडोती लगाते हुए मंदिर पहुंचे। वहां माता की आरती लेकर मन्नत मांगी। रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होने के कारण सुबह से ही मंदिर मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया था। ऐसे में सुबह ही छोटे वाहनों के लिए डायवर्जन कर दिया गया। व्यवस्थाओं में प्रधान संजय वर्मा, आजीवन सचिव रोहित अग्रवाल, देवेश कौशिक, भूदत्त दत्त शर्म, रितेश्वर शर्मा, निमिष कुमार गर्ग, चाकुल तायल,डॉ. शलभ शर्मा, विकास वर्मा आदि मौजूद रहे।
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मंदिर के पुजारी राजकुमार वशिष्ठ ने बताया की स्कंदमाता नारंगी रंग की पोशाक धारण करती हैं। उन्होंने बताया की भगवान स्कंद कुमार कार्तिकेय नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। पुराणों में इन्हें कुमार और शक्ति कहकर इनकी महिमा का वर्णन किया गया है। इन्हीं भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां दुर्गा के इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है। रविवार का दिन होने के कारण सुबह मंदिर पर श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगनी शुरू हो गई, जो मंदिर प्रांगण के अलावा काफी दूर तक लगी रही।
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खुर्जा ही नहीं दूर-दूर से लोग माता के दर्शन के लिए आ रहे थे। वहीं परिवार संग लोग माता रानी का दर्शन करने आए। वहीं समूह में मंदिर की परिक्रमा की। गांवों में लोग टोलियों के साथ माता रानी के भजन कीर्तन गाते हुए मंदिर पहुंचे। वहीं कुछ लोग जमीन पर दंडोती लगाते हुए मंदिर पहुंचे। वहां माता की आरती लेकर मन्नत मांगी। रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होने के कारण सुबह से ही मंदिर मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया था। ऐसे में सुबह ही छोटे वाहनों के लिए डायवर्जन कर दिया गया। व्यवस्थाओं में प्रधान संजय वर्मा, आजीवन सचिव रोहित अग्रवाल, देवेश कौशिक, भूदत्त दत्त शर्म, रितेश्वर शर्मा, निमिष कुमार गर्ग, चाकुल तायल,डॉ. शलभ शर्मा, विकास वर्मा आदि मौजूद रहे।
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