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कुदरत के सितम पर सरकार का ‘छल’

Thu, 01 Dec 2016 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Thu, 01 Dec 2016 10:47 PM IST
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Sitm nature of the government 'deceit'
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चक्रवाती तूफान और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के साथ कुदरत की मजाक के बाद सरकार ने भी छल कर दिया है। राज्य सरकार ने केंद्र के समान 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से आर्थिक मदद मुहैया कराने की घोषणा की थी। अब सरकार ने महज 2200 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 36 करोड़ रुपये भेज दिए। इतना ही नहीं प्रशासन के अधिकारी इस मामूली रकम को भी नहीं बांट पाए।

वर्ष 2014 में चक्रवाती तूफान,ओलावृष्टि और बारिश से 1.80 लाख हेक्टेयर गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। दैवीय आपदा से चार लाख किसान प्रभावित हुए। किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए तत्कालीन डीएम बी च्रंदकला ने 200 करोड़ रुपये की डिमांड शासन से की थी। इसी क्रम में करीब पौने तीन लाख किसानों को 89 करोड़ रुपये बांटा जा चुका है।
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सवा लाख किसानों को सरकार की मदद का इंतजार है। बता दें कि आपदा के बाद केंद्र सरकार ने 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से किसानों को मदद करने की घोषणा की थी। राज्य सरकार ने भी केंद्र के समान मदद का एलान किया था। मदद की घोषणा करने के लिए खुद सीएम सामने आए थे। मगर जब समय किसानों की मदद करने का आया तो सरकार का नजरिया बदल गया।
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सरकार ने 18 हजार के बजाय किसानों को 2200 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 36 करोड़ रुपये जिला प्रशासन के पास भेजे हैं। सरकारी मशीनरी की सुस्ती के कारण किसानों को 36 करोड़ रुपये बांटे ही नहीं गए हैं।

 

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