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सिंभावली-ब्रजनाथपुर शुगर मिल को नहीं मिलेगा गन्ना
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Fri, 21 Oct 2016 11:48 PM IST
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शुगर मिल
- फोटो : अमर उजाला
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ब्रजनाथपुर और सिंभावली शुगर मिल की ओर से जनपद में भले ही गन्ना खरीद के लिए कांटे लगाए जा रहे हो, लेकिन इस बार दोनों शुगर मिलों को गन्ना सप्लाई नहीं किया जाएगा। विभाग ने गन्ना आयुक्त को बकाया का हवाला देते हुए गन्ना क्षेत्र में कटौती का प्रस्ताव भेजा है। इससे किसानों को परेशानी होगी और उन्हें मजबूरन सस्ते दामों में क्रेसरों को गन्ना बेचना पड़ेगा।
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ब्रजनाथ शुगर मिल और सिंभावली शुगर मिल पर किसानों का 28 करोड़ रुपये बकाया हैं। नियम के मुताबिक गन्ना पेराई सत्र समाप्ति के 40 दिन के अंदर किसानों का भुगतान हो जाना चाहिए। मगर मिल प्रबंधकों ने ऐसा नहीं किया। ऐसे में किसानों को रोजमर्रा की जरूरत पूरा करने में भी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
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बता दें कि जनपद में गुलावठी, सिकंदराबाद, बीबीनगर क्षेत्र में सिंभावली शुगर मिल के 16 केंद्र और ब्रजनाथपुर शुगर मिल के 25 तौल केंद्रों पर गन्ना जाता है। गन्ना क्षेत्र में कटौती होने से स्थानीय हजारों किसानों को उस स्थिति में परेशानी हो सकती है जब जिले का दूसरा कोई शुगर मिल इनके इलाके में गन्ना नहीं खरीदेगा। वहीं किसान भी नहीं चाहते कि गन्ना हापुड़ की शुगर मिल को बेचें।
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गैर जिले की मिलों के सामने साहब लाचार
बुलंदशहर। गन्ना पेमेंट निकलवाने के लिए अफसर गैर जनपद की शुगर मिलों पर कायदे से दबाव नहीं बना पाते। यही कारण है कि अब तक ब्रजनाथपुर और सिंभावली शुगर मिल ने सरकार की सभी रियायत लेते के बाद किसानों का 60 करोड़ रुपये का भुगतान रोका हुआ है।
बता दें कि अफसरों के दबाव के चलते जिले की तीनों शुगर मिलों ने किसानों का पाई-पाई चुका दिया है। प्रशासनिक अफसरों का अधिकांश क्षेत्र जनपद की सीमा तक होता है। यह सच मिल प्रबंधक भलीभांति जानते हैं। इसलिए गैर जिलों के अफसर मीटिंग अटेंड नहीं करते। इस पर कई बार सख्ती की गई लेकिन कार्रवाई न हो पाने के कारण कुछ नतीजा नहीं निकला।
ब्रजनाथपुर और सिंभावली शुगर मिल पर स्थानीय प्रशासनिक अफसरों का नियंत्रण नहीं रहता है। इसलिए अफसर मिल प्रबंधकों पर दबाव भी नहीं बना पाते। मांगेराम त्यागी, प्रदेश सचिव भाकियू
किसान जिले की शुगर मिलों को ही गन्ना बेचेंगे। प्रशासन भुगतान की गारंटी ले तो किसान ब्रजनाथपुर और सिंभावली शुगर मिल को गन्ने बेच सकते हैं। राजीव चौधरी, जिलाध्यक्ष, रालोद
ब्रजनाथपुर और सिंभावली शुगर मिल को गन्ना बेचकर किसानों के हाथ कट जाते हैं। किसान जिले की मिलों पर तो दबाव बना लेते हैं मगर हापुड़ की मिलें उनकी नहीं सुनती। छिददा सिंह, किसान
अफसर हापुड़ की मिलों को गन्ना डलवाकर अपनी जिम्मेदारी से पाल झाड़ लेते हैं। पेमेंट की बारी आने पर साहब हाथ खड़ा कर देते हैं।
ओमपाल सिंह किसान