सिद्धार्थ चंद्रा हत्याकांड: रुपयों के लालच में डेंटिस्ट की हत्या की, हत्यारोपी ने चाचा का शव बताकर किया गुमराह
रुपयों के लालच में आकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बाइक, रस्सी और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें से एक आरोपी ने पुलिस को बताया था कि मृतक उसका चाचा है।
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बुलंदशहर के अनूपशहर थाना क्षेत्र के जहांगीराबाद-दौलतपुर रोड पर गत 24 सितंबर को मिले अज्ञात शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शव की पहचान आगरा निवासी सिद्धार्थ चंद्रा के रूप में हुई थी। पुलिस ने घटना में शामिल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने रुपयों के लालच में आकर वारदात को अंजाम दिया। उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बाइक, रस्सी और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें से एक आरोपी ने पुलिस को बताया था कि मृतक उसका चाचा है, लेकिन जब पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि आरोपी के चाचा की तीन वर्ष पूर्व ही मृत्यु हो चुकी है। जिसके बाद पुलिस ने गहनता से जांच कर पूरे प्रकरण का राजफाश कर दिया।
अक्सर होटलों में रहने की आदत के चलते आरोपी के संपर्क में आया सिद्धार्थ
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश मृतक के परिचित बब्लू शर्मा निवासी पंचशील कॉलोनी, थाना बिसरख जनपद गौतमबुद्धनगर, मूल निवासी गांव खलीलपुर थाना धनारी जनपद संभल ने रची थी, जो पहले गाजियाबाद स्थित एक होटल में रूम अटेंडर का काम करता था। मृतक सिद्धार्थ अक्सर होटलों में ही रहता था, जहां उसकी मुलाकात बब्लू से हुई थी। बब्लू को जब यह जानकारी लगी कि सिद्धार्थ के खाते में मोटी रकम है, तो उसने दो साथियों मोहित उर्फ संजू निवासी भैरोली थाना गुलावठी हाल निवासी छपरौला गौतमबुद्धनगर और नितेश शर्मा निवासी पंचशील कॉलोनी थाना बिसरख के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रच डाली।
मृतक सिद्धार्थ चंद्रा फिलहाल गाजियाबाद के वेस्ट मॉडल टाउन इलाके में रह रहा था। होटल में अधिक खर्च होने की बात कहकर उसने बब्लू से कोई सस्ता और एकांत मकान दिलवाने की गुजारिश की थी। बब्लू ने एक किराए का मकान अनूपशहर में लिया और 22 सितंबर की रात सिद्धार्थ को उसमें शिफ्ट कर दिया। देखभाल के लिए बब्लू ने अपने भाई अंकित को वहां छोड़ दिया था। 23 सितंबर को अंकित ने बब्लू को बताया कि सिद्धार्थ उससे गाली-गलौज कर रहा है। इसके बाद बब्लू, संजू और नितेश बाइक पर आए और सिद्धार्थ को बहाने से अपने साथ ले गए।
जहांगीराबाद-दौलतपुर रोड पर गांव लोधई के पास सड़क किनारे एक खेत में रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए। बब्लू को पहले से ही सिद्धार्थ के बैंक खाते और यूपीआई पिन की जानकारी मिल चुकी थी। हत्या के बाद उसने मृतक का फोन इस्तेमाल कर 5 लाख 48 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने संबंधित खातों को फ्रीज करा दिया है। साथ ही हत्या में प्रयुक्त बाइक, गला घोंटने में इस्तेमाल की गई रस्सी और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पत्नी बच्चों को छोड़कर गाजियाबाद में रहता था सिद्धार्थ
पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक सिद्धार्थ आगरा में डेंटिस्ट था। आगरा में वह पत्नी व बच्चों के साथ रहता था। लेकिन, कुछ समय पूर्व वह पत्नी बच्चों को छोड़कर व अपना काम छोड़कर गाजियाबाद आ गया था। उसकी कुछ जमीन बिकी थी, जिसमें उसको करीब 44 लाख रुपये मिले थे। फिलहाल उसके खाते में करीब 35 लाख रुपये होने की जानकारी आरोपी बब्लू को भी थी। इसी के चलते आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।
- मृतक की शिनाख्त को लेकर शुरू में बब्लू शर्मा ने गुमराह करने की कोशिश की और मृतक को अपने चाचा ओमकार बताया। जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि ओमकार की मौत तीन साल पहले हो चुकी थी। सख्ती से पूछताछ में पूरा मामला सामने आया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। - डा. तेजवीर सिंह, एसपी देहात