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गठबंधन पर चल रहा मंथन, प्रत्याशियों में सीटों पर होगी जोर आजमाइश

Wed, 18 Jan 2017 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Wed, 18 Jan 2017 12:33 AM IST
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Shake to combine running, candidates will emphasize seats trial
अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

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किसी भी वक्त कांग्रेस, सपा और रालोद गठबंधन की घोषणा हो सकती है। इससे पहले सपा, कांग्रेस और रालोद से टिकट की आस लगाए बैठे दावेदारों की धड़कन बढ़ गई हैं। सभी की नजर इस पर लगी है कि कौन सी सीट किस पार्टी के खाते में जाएगी। सिटिंग सीट को लेकर भी काफी माथापच्ची चल रही है। इनमें खुर्जा, स्याना, शिकारपुर और डिबाई सीटें प्रमुख हैं।

समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और रालोद में गठबंधन लगभग तय है। संभावना है कि 19 जनवरी को गठबंधन की लिस्ट जारी हो जाएगी। अब सभी की नजर इस पर लगी हैं, कि कौन-सी सीट किस दल को मिलेगी। 2012 में कांग्रेस और रालोद साथ चुनाव लड़ी थीं। तब कांग्रेस के टिकट पर स्याना सीट से दिलनवाज खान और खुर्जा सीट से बंशी पहाड़िया को जीत मिली थी।
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रालोद जिले से कोई सीट नहीं निकाल सकी थी। वहीं सपा के टिकट पर डिबाई से श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित और शिकारपुर से मुकेश पंडित चुनाव जीते थे। 2012 विधानसभा चुनाव और वर्तमान के समीकरण बदल चुके हैं। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते दिलनवाज खान अब हाथी पर सवार हो चुके हैं। विधायक बंधुओं को समाजवादी पार्टी निष्कासित कर चुकी है।
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कांग्रेस दोनों सिटिंग सीट के अलावा सिकंदराबाद पर भी दावा ठोंक रही है। यहां से नजदीक भट्ठा-पारसौल आंदोलन में राहुल गांधी सक्रिय रहे हैं। जाट मतदाता ज्यादा होने के चलते रालोद शिकारपुर और अनूपशहर पर दावा रही है। शिकारपुर सीट पर पिछला चुनाव सपा जीती थी, ऐसे में मुमकिन है कि सपा इस सीट को नहीं छोड़ेगी।

अब सभी की निगाहें इस पर लग गई हैं कि किस पार्टी को कौन सी सीट मिलेगी।

जिले की दो विधानसभा सीटों पर जमकर खींचतान मची हुई है। रालोद अनूपशहर विधानसभा सीट अपने पास चाहती है, जबकि सपा का दावा है कि पिछले चुनाव में उसका प्रत्याशी मामूली अंतर से हारा था। ऐसे में अनूपशहर सीट उसे मिलनी चाहिए। इसके अलावा स्याना पर कांग्रेस दावा ठोंक रही है।


  अनूपशहर विधानसभा सीट नहीं मिलने की स्थिति में रालोद स्याना सीट चाहती है। रालोद यहां जाट मतदाताओं की अधिक संख्या के आंकड़े पर दावा कर रही है तो कांग्रेस किसी भी हाल में अपनी सिटिंग सीट छोड़ने को तैयार नहीं है।

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