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जनपद में ढहाए गए 34 जर्जर स्कूलों के भवन
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दानपुर क्षेत्र के गांव घुसराना हरिसिंह में ढहाया गया जर्जर परिषदीय स्कूल का भवन।
- फोटो : BULANDSHAHR
जनपद में ढहाए गए 34 जर्जर स्कूलों के भवन
बुलंदशहर। मुरादनगर में हादसे के बाद परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवनों की ओर शासन की निगाह घूम गई है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के जर्जर भवनों को ढहाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जनपद में अब तक 34 जर्जर भवन ढहाए जा चुके हैं। अफसराें का दावा है कि सभी जर्जर भवन आगामी एक माह में गिरा दिए जाएंगे।
जनपद में जर्जर हाल में पहुंच चुके परिषदीय स्कूलाें के भवनों को काफी समय से नहीं गिराया गया था। इसे लेकर अब शासन ने जब इनको गिराने के आदेश दिए तो विभाग के साथ जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। विभाग की ओर से जनपद में 277 जर्जर स्कूलों के भवन चयनित किए गए। इसके साथ ही डीएम के आदेश पर जर्जर हो चुके स्कूल भवनों को गिराने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया। इस टीम ने भी जर्जर भवनों का निरीक्षण करते हुए उन्हें गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक जनपद में 34 जर्जर स्कूलों के भवनों को गिरा दिया गया है। बताया गया कि अभी पीडब्ल्यूडी की ओर से ऐसे 90 स्कूलों के भवनों को गिराने की सूची जारी की गई, जो सबसे अधिक जर्जर हाल में हैं। इसके बाद अन्य स्कूलों के भवनों को गिराया जाएगा। यह प्रक्रिया मुरादनगर में हुई घटना के बाद शुरू हुई है। अफसरों ने यह भी बताया कि जिन स्कूलों के जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया चल रही है। उनका मलबा बेचने के लिए नीलामी की प्रक्रिया भी जारी है। नीलामी से मिलने वाली राशि को भी परिषदीय स्कूलों में खर्च किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि शासन और डीएम के आदेश पर जनपद में जर्जर हो चुके परिषदीय स्कूलों को गिराने की प्रक्रिया जारी है। जनपद के सभी जर्जर स्कूलाें के भवन को आगामी एक माह में गिरा दिया जाएगा।
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बुलंदशहर। मुरादनगर में हादसे के बाद परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवनों की ओर शासन की निगाह घूम गई है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के जर्जर भवनों को ढहाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जनपद में अब तक 34 जर्जर भवन ढहाए जा चुके हैं। अफसराें का दावा है कि सभी जर्जर भवन आगामी एक माह में गिरा दिए जाएंगे।
जनपद में जर्जर हाल में पहुंच चुके परिषदीय स्कूलाें के भवनों को काफी समय से नहीं गिराया गया था। इसे लेकर अब शासन ने जब इनको गिराने के आदेश दिए तो विभाग के साथ जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। विभाग की ओर से जनपद में 277 जर्जर स्कूलों के भवन चयनित किए गए। इसके साथ ही डीएम के आदेश पर जर्जर हो चुके स्कूल भवनों को गिराने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया। इस टीम ने भी जर्जर भवनों का निरीक्षण करते हुए उन्हें गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक जनपद में 34 जर्जर स्कूलों के भवनों को गिरा दिया गया है। बताया गया कि अभी पीडब्ल्यूडी की ओर से ऐसे 90 स्कूलों के भवनों को गिराने की सूची जारी की गई, जो सबसे अधिक जर्जर हाल में हैं। इसके बाद अन्य स्कूलों के भवनों को गिराया जाएगा। यह प्रक्रिया मुरादनगर में हुई घटना के बाद शुरू हुई है। अफसरों ने यह भी बताया कि जिन स्कूलों के जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया चल रही है। उनका मलबा बेचने के लिए नीलामी की प्रक्रिया भी जारी है। नीलामी से मिलने वाली राशि को भी परिषदीय स्कूलों में खर्च किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि शासन और डीएम के आदेश पर जनपद में जर्जर हो चुके परिषदीय स्कूलों को गिराने की प्रक्रिया जारी है। जनपद के सभी जर्जर स्कूलाें के भवन को आगामी एक माह में गिरा दिया जाएगा।
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