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Bulandshahar News: ऊर्जा निगम की टीम पर जानलेवा हमला करने वाले को सात साल का कारावास
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संवाद न्यूज एजेंसाी
बुलंदशहर। जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र में जनवरी 2016 को चेकिंग करने गई ऊर्जा निगम की टीम पर जानलेवा हमला करने के आरोपी दिलशाद को अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 15 हेमंत कुमार के न्यायालय ने दोषी माना है। न्यायालय ने दोषी को सात साल कारावास और आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रवेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि वादी मुकदमा गौरव कुमार उपखंड अधिकारी जहांगीराबाद ने 30 जनवरी 2016 को थाने पर तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया कि शाम करीब साढ़े पांच बजे वह खुद व सचिन कुमार अवर अभियंता, कृष्णपाल सिंह अवर अभियंता, पवन कुमार शर्मा लाइनमैन, जयप्रकाश टीजीटू, संविदाकर्मी शिवकुमार, सुमित और रणवीर के साथ अनुबंधित गाड़ी से ड्राइवर संजय शर्मा के साथ चचरई मोड़ पहुंचे। वहां पर दिलशाद की वेल्डिंग की दुकान पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आरोपी दिलशाद से बिल जमा करने को कहा तो दिलशाद उग्र हो गया। साथ ही आरोपी ने वादी के हाथ से बकायेदारों की सूची लेकर फाड़ दी। इसके बाद आरोपी ने दुकान पर काम कर रहे अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर पीड़ित व टीम पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। शोर होने पर लोगों को एकत्रित होते हुए देख आरोपी मौके से धमकी देकर भाग निकला। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही जांच पड़ताल के बाद आरोपी दिलशाद के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों को अवलोकन कर आरोपी दिलशाद को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे सात वर्ष का कारावास व आठ हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
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बुलंदशहर। जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र में जनवरी 2016 को चेकिंग करने गई ऊर्जा निगम की टीम पर जानलेवा हमला करने के आरोपी दिलशाद को अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 15 हेमंत कुमार के न्यायालय ने दोषी माना है। न्यायालय ने दोषी को सात साल कारावास और आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रवेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि वादी मुकदमा गौरव कुमार उपखंड अधिकारी जहांगीराबाद ने 30 जनवरी 2016 को थाने पर तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया कि शाम करीब साढ़े पांच बजे वह खुद व सचिन कुमार अवर अभियंता, कृष्णपाल सिंह अवर अभियंता, पवन कुमार शर्मा लाइनमैन, जयप्रकाश टीजीटू, संविदाकर्मी शिवकुमार, सुमित और रणवीर के साथ अनुबंधित गाड़ी से ड्राइवर संजय शर्मा के साथ चचरई मोड़ पहुंचे। वहां पर दिलशाद की वेल्डिंग की दुकान पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आरोपी दिलशाद से बिल जमा करने को कहा तो दिलशाद उग्र हो गया। साथ ही आरोपी ने वादी के हाथ से बकायेदारों की सूची लेकर फाड़ दी। इसके बाद आरोपी ने दुकान पर काम कर रहे अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर पीड़ित व टीम पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। शोर होने पर लोगों को एकत्रित होते हुए देख आरोपी मौके से धमकी देकर भाग निकला। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही जांच पड़ताल के बाद आरोपी दिलशाद के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों को अवलोकन कर आरोपी दिलशाद को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे सात वर्ष का कारावास व आठ हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
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