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संक्रमण बढ़ते ही फिर से मास्क बनाने में जुटीं महिलाएं

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 16 Apr 2021 11:04 PM IST
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self help groups making face mask
गांव नैथला हसनपुर में मास्क बनातीं समूह की महिलाएं। - फोटो : BULANDSHAHR
संक्रमण बढ़ते ही फिर से मास्क बनाने में जुटीं महिलाएं
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बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से लोगों को बचाने के लिए जनपद में 20 महिला स्वयं सहायता समूह सूती कपड़े से दो लेयर वाले मास्क बनाने में जुट गए हैं। प्रत्येक समूह एक हजार से लेकर 2500 तक मास्क रोजाना तैयार कर रहा है। कुछ समूह ऑर्डर मिलने पर तो कुछ बिना ऑडर के ही मास्क बनाने में जुटे हैं। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि बीते वर्ष भी महिला स्वयं सहायता समूहों से मास्क खरीदे गए थे। इस बार भी जरूरत पड़ने पर इनसे संपर्क किया जाएगा।
आरजू स्वयं सहायता केंद्र खदाना की अध्यक्ष इमराना बताती हैं कि 12 महिला सदस्य रोजाना 2500 से अधिक मास्क तैयार कर रही हैं। हालांकि उन्हें कहीं से एडवांस में ऑर्डर नहीं मिला है। पिछले साल समूह की ओर से तैयार मास्क जिला प्रशासन ने खरीदे थे। एक लेयर वाले सूती और खादी मास्क पर पांच से 6.50 रुपये तक का खर्च आया था। जिला प्रशासन को उन्होंने आठ रुपये प्रति मास्क के हिसाब से सप्लाई की थी। उन्हें इस बार मास्क 10 रुपये प्रति मास्क मिलने की उम्मीद है।
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एक महिला रोज बनाती है 150 मास्क
आत्मनिर्भर नारी स्वयं सहायता समूह मऊखेड़ा की अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने बताया कि संस्था के साथ तीन अन्य समूह की 30 महिलाएं लगातार मास्क बना रही हैं। एक महिला रोजाना 100 से 150 तक मास्क तैयार कर लेती है। समूह की ओर से एक लेयर का 10 रुपये और दो लेयर का मास्क 20 रुपये तक उपलब्ध है। इस समूह ने लॉकडाउन के दौरान भी हजारों मास्क बनाए थे।
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बुध बाजार से खरीदते हैं सूती कपड़ा
अरनिया क्षेत्र के गांव मंसूरपुर में संचालित शिव महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष रीना ने बताया कि समूह में 12 महिला शामिल हैं। गांव बाजार से दूर होने के कारण क्षेत्र में प्रत्येक बुधवार को लगने वाले बाजार से ही कपड़ा खरीदना पड़ता है। एक महिला रोजना 200 तक मास्क तैयार कर लेती है। एक मास्क तैयार करने में करीब छह रुपये का खर्च आता है और आगे 10 रुपये में बिकता है।

आर्डर पर तैयार किए जाते हैं मास्क
आत्मनिर्भर स्वयं सहायता समूह नैथला हसनपुर की अध्यक्ष कविता शर्मा ने बताया कि उनका समूह ऑर्डर मिलने पर मास्क तैयार करता है। समूह में 12 महिला शामिल हैं और एक महिला रोजाना 150 से अधिक मास्क तैयार कर लेती है। लॉकडाउन के दौरान भी समूह ने आर्डर पर मास्क तैयार किए थे। समूह की ओर से एक और डबल लेयर दोनों प्रकार के मास्क तैयार किए जा जाते हैं। इनकी कीमत 10 से 20 रुपये के बीच रखी गई है।
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