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स्कूल ड्रेस-मास्क बनाकर दिखाई रोजगार की राह
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खुर्जा क्षेत्र के गांव धरपा चूहरपुर में संचालित महामाया महिला स्वयं सहायता समूह के सानिध्य में ?
- फोटो : BULANDSHAHR
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स्कूल ड्रेस-मास्क बनाकर दिखाई रोजगार की राह
बुलंदशहर। महिलाएं भी हर क्षेत्र में न सिर्फ बेहतर कार्य कर रही हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं को रोजगार की राह भी दिखा रही हैं। हम बात कर रहे हैं गांव धरपा चूहरपुर की महिलाओं की, जहां की कुछ महिलाएं स्वयं सहायता समूह के जरिये स्कूल ड्रेस और मास्क बनाकर न सिर्फ परिवार चला रही हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं को रोजगार की राह भी दिखा रही हैं।
समूह की अध्यक्ष मंजू देवी ने बताया कि अभी समूह से 10 महिलाएं जुड़ी हैं। इनमें लता देवी, उर्मिला देवी, सुशीला, पूजा देवी, रुकसाना, साबरा, मुन्नी देवी, प्रवेश देवी और मुन्नी शामिल हैं। समूह की सभी महिलाओं ने पहले स्कूल की ड्रेस तैयार करने का निर्णय लिया। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग से संपर्क किया। विभागीय अधिकारी समूह को कपड़ा उपलब्ध करवाकर उनसे ड्रेस तैयार करावा रहे हैं। एक ड्रेस को तैयार करने के लिए समूह की महिलाओं को 100 रुपये मिले। समूह की सभी महिलाओं ने इस बार 750 से अधिक स्कूल की ड्रेस तैयार कर अच्छी आमदनी प्राप्त की। इसी के साथ समूह की महिलाएं मास्क तैयार कर रही हैं। मास्क पूरी तरह काटन का है और इसे तैयार करने में 10 से 12 रुपये की लागत आती है। यह मास्क 15 रुपये में बिक जाता है। सभी महिलाओं ने मिलकर अभी तक 10 हजार से अधिक मास्क तैयार कर अच्छी कमाई कर ली है। मंजू देवी ने बताया कि समूह का मकसद अधिक से अधिक गांव की महिलाओं को जोड़कर उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाना है, ताकि वह स्वावलंबी बन सकें।
गांव की लड़कियों को सिखा रहीं सिलाई और ब्यूटी पार्लर
महामाया महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं स्कूल की ड्रेस और मास्क तैयार करने के अलावा गांव की लड़कियों को सिलाई और ब्यूटी पार्लर भी सिखा रही हैं। मंजू देवी ने बताया कि अभी 30 लड़कियों को सिलाई और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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उप्र ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से गठित किए गए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए सरकार की ओर से अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की आय भी हो रही है।
- अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
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बुलंदशहर। महिलाएं भी हर क्षेत्र में न सिर्फ बेहतर कार्य कर रही हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं को रोजगार की राह भी दिखा रही हैं। हम बात कर रहे हैं गांव धरपा चूहरपुर की महिलाओं की, जहां की कुछ महिलाएं स्वयं सहायता समूह के जरिये स्कूल ड्रेस और मास्क बनाकर न सिर्फ परिवार चला रही हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं को रोजगार की राह भी दिखा रही हैं।
समूह की अध्यक्ष मंजू देवी ने बताया कि अभी समूह से 10 महिलाएं जुड़ी हैं। इनमें लता देवी, उर्मिला देवी, सुशीला, पूजा देवी, रुकसाना, साबरा, मुन्नी देवी, प्रवेश देवी और मुन्नी शामिल हैं। समूह की सभी महिलाओं ने पहले स्कूल की ड्रेस तैयार करने का निर्णय लिया। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग से संपर्क किया। विभागीय अधिकारी समूह को कपड़ा उपलब्ध करवाकर उनसे ड्रेस तैयार करावा रहे हैं। एक ड्रेस को तैयार करने के लिए समूह की महिलाओं को 100 रुपये मिले। समूह की सभी महिलाओं ने इस बार 750 से अधिक स्कूल की ड्रेस तैयार कर अच्छी आमदनी प्राप्त की। इसी के साथ समूह की महिलाएं मास्क तैयार कर रही हैं। मास्क पूरी तरह काटन का है और इसे तैयार करने में 10 से 12 रुपये की लागत आती है। यह मास्क 15 रुपये में बिक जाता है। सभी महिलाओं ने मिलकर अभी तक 10 हजार से अधिक मास्क तैयार कर अच्छी कमाई कर ली है। मंजू देवी ने बताया कि समूह का मकसद अधिक से अधिक गांव की महिलाओं को जोड़कर उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाना है, ताकि वह स्वावलंबी बन सकें।
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गांव की लड़कियों को सिखा रहीं सिलाई और ब्यूटी पार्लर
महामाया महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं स्कूल की ड्रेस और मास्क तैयार करने के अलावा गांव की लड़कियों को सिलाई और ब्यूटी पार्लर भी सिखा रही हैं। मंजू देवी ने बताया कि अभी 30 लड़कियों को सिलाई और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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उप्र ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से गठित किए गए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए सरकार की ओर से अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की आय भी हो रही है।
- अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी