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बाल-बाल बचे 13 मासूम: एलपीजी सिलिंडर लगी स्कूली वैन में शॉर्ट सर्किट से आग, बड़ा हादसा होने से टला

Sat, 23 Mar 2024 07:35 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, दनकौर/ बुलंदशहर।
अमर उजाला नेटवर्क, दनकौर/ बुलंदशहर। Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 23 Mar 2024 07:35 AM IST
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School van caught fire 13 children narrowly escaped
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छात्रों को स्कूल लेकर जा रही एलपीजी सिलिंडर लगी वैन में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। शुक्रवार सुबह गांव वैलाना के ग्रामीणों ने तत्काल बच्चों को वैन से बाहर निकालकर आग पर काबू पाया। हादसे के वक्त वैन में चालक के अलावा 13 बच्चे सवार थे। जिनमें से चार बच्चे मामूली रूप से झुलस गए हैं। परिजनों ने वैन चालक के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में फैसला हो गया।

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ग्राम प्रधान सुशील कुमार ने बताया कि दनकौर स्थित लक्ष्य कान्वेंट स्कूल में गांव के कई बच्चे पढ़ते हैं। बच्चे वैन से स्कूल आते-जाते हैं। शुक्रवार सुबह वैन चालक करीब 8 बजे गांव अलीपुरा से बच्चों को लेकर वैलाना गांव पहुंचा। जहां से उसने कई और छात्र-छात्राएं वैन में बैठा लिए। गांव से बाहर निकलते वक्त अचानक वैन के पिछले हिस्से में रखे एलपीजी सिलिंडर में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। आग लगते ही बच्चों ने शोर मचा दिया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्चों को सकुशल बाहर निकाला।
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हालांकि, वैन सवार आर्यन (8) निवासी गांव वैलाना और जाह्नवी (10), साहिल (8) और मायरा (10) निवासी अलीपुरा झुलस गए। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जानकारी जुटाई। इस बीच परिजनों ने मामले में आरोपी वैन चालक के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, दोनों पक्षों के समझौता हो गया।

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सहमे बच्चों ने दी हादसे की जानकारी
छात्र आर्यन ने बताया कि स्कूल जाने के लिए वैन में बैठा था। कुछ दूर चलते ही वैन के पिछले हिस्से में आग लग गई। जिससे उसके कान के पास के बाल जल गए। हादसे के वक्त वह पीछली सीट पर बैठा हुआ था। हादसे के बारे में बताते हुए वह बार-बार सहम रहा था। वहीं, परिजनों का भी कहना है कि चालक से कई बार गाड़ी को बदलने की बात कही गई। लेकिन, वह नहीं माना। परिजन बच्चों के सकुशल होने पर राहत महसूस कर रहे हैं। 

ट्रांसपोर्ट फीस लेने के बाद भी बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ 
अभिभावकों के मुताबिक वैन की सुविधा स्कूल की ओर से उपलब्ध कराई गई है। ट्रांसपोर्ट फीस के तौर पर तीन हजार रुपये वसूले जाते हैं। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन व वाहन चालकों की ओर से बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। वैन में एलपीजी सिलिंडर लगाकर चलाना अपराध है, इसके बावजूद देहात क्षेत्रों में ऐसे वाहन धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। पुलिस और आरटीओ विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

शॉर्ट सर्किट होने से कार के अंदर कुछ चिंगारी उठने की जानकारी मिली है। आग की सूचना नहीं है। बच्चों के मामूली रूप से बाल झुलसने की भी जानकारी है। इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।   -पूर्णिमा सिंह, सीओ सिकंदराबाद।

आग नहीं लगी, केवल धुआं उठा : स्कूल प्रबंधन  
इस मामले में स्कूल प्रबंधक का दावा है कि गाड़ी में आग नहीं लगी केवल धुआं ही उठा था। प्रबंधक राहुल कसाना ने बताया कि वैन में रखी बैटरी में स्पार्किंग होने के कारण धुआं उठा था। किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई है।

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