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Bulandshahar News: घोटाले में दोषी ग्राम विकास अधिकारी के घर पर रह रहे जांच अधिकारी
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घोटाले में दोषी ग्राम विकास अधिकारी के घर पर रह रहे जांच अधिकारी
बुलंदशहर। गांव में विकास के नाम पर किए गए छह करोड़ से अधिक के घोटाले में अधिकारियों का एक और चेहरा सामने आया है। जिस ग्राम विकास अधिकारी हितेंद्र चौहान ने लाखों रुपये का खेल किया है, उसी अधिकारी के घर पर रहकर जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा जांच कर रहे हैं।
कोरोना काल के दौरान ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने पर गांव की कमान ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों के हाथों में सौंप दी गई थी। गांव में इंटरलॉकिंग, सीसी रोड, नाली निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्घार, साफ-सफाई, फागिंग, मास्क, सैनिटाइजेशन, हाईमास्क लाइट, एलईडी लाइट, चौपालों का जीर्णोद्घार, कोरोना वॉल पेंटिंग, स्टेशनरी, खाद के गड्ढों का निर्माण, किचन टाइल्स के विकास निर्माण के नाम पर करीब छह करोड़ से अधिक का घोटाला किया गया। इसमें ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने अपने करीबियों और रिश्तेदारों के खाते में धनराशि ट्रांसफर कराकर राशि का गबन कर लिया। नियम के अनुसार गांव में कोई भी विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। टेंडर के बाद संबंधित फर्म के अकाउंट में निर्माण की धनराशि ट्रांसफर की जाती है। बड़ी बात यह है कि सरकारी कर्मचारी और उनकी पत्नी के खाते में पैसा भेजा गया है। बुलंदशहर ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी हितेंद्र चौहान ने दोस्तपुर, दरियापुर, नवादा, नोसेना, मुरगूबपुर, कुराली गांव में तैनाती के दौरान करीब 4 लाख 50 हजार 611 रुपये के सरकारी धन में खेल किया। इस संबंध में जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा ने 13 ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस जारी किया था। इसमें हितेंद्र चौहान भी शामिल थे। जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा ग्राम विकास अधिकारी हितेंद्र चौहान के नीलकंठ कालोनी स्थित घर में रह रहे हैं। सनोटा के पूर्व प्रधान कृष्णपाल ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजी गई थी, लेकिन इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत में लिखा गया था कि आरोपी ग्राम विकास अधिकारी के घर पर रहते हुए जिला विकास अधिकारी ने पूरे प्रकरण की जांच की है। इसलिए पूरे प्रकरण को दबा दिया गया है। यदि न्याय संगत जांच की जाती तो कई आरोपी ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होती। इतना ही नहीं जिला विकास अधिकारी ने नवीन तैनाती में ग्राम विकास अधिकारी हितेंद्र को सिकंदराबाद देहात क्षेत्र में पोस्टिंग दी है।
ग्राम विकास अधिकारी की जांच की गई थी। बाउचर के हिसाब से बिल सही पाए गए थे। जांच के दौरान मैं हितेंद्र के घर में नहीं रह रहा था। वर्तमान में उनके घर पर रह रहा हूं। मकान को जल्द खाली कर दूंगा। - सुभाष नेमा, जिला विकास अधिकारी
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मैं संबंधित गांव में प्रशासक रहा था। मेरे कार्यकाल में जो भी भुगतान हुए वह सही हैं। लोग गलत आरोप लगा रहे हैं। जांच के दौरान जिला विकास अधिकारी मेरे घर में नहीं रह रहे थे। अब घर में रह रहे हैं। - हितेंद्र चौहान, ग्राम विकास अधिकारी
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बुलंदशहर। गांव में विकास के नाम पर किए गए छह करोड़ से अधिक के घोटाले में अधिकारियों का एक और चेहरा सामने आया है। जिस ग्राम विकास अधिकारी हितेंद्र चौहान ने लाखों रुपये का खेल किया है, उसी अधिकारी के घर पर रहकर जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा जांच कर रहे हैं।
कोरोना काल के दौरान ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने पर गांव की कमान ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों के हाथों में सौंप दी गई थी। गांव में इंटरलॉकिंग, सीसी रोड, नाली निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्घार, साफ-सफाई, फागिंग, मास्क, सैनिटाइजेशन, हाईमास्क लाइट, एलईडी लाइट, चौपालों का जीर्णोद्घार, कोरोना वॉल पेंटिंग, स्टेशनरी, खाद के गड्ढों का निर्माण, किचन टाइल्स के विकास निर्माण के नाम पर करीब छह करोड़ से अधिक का घोटाला किया गया। इसमें ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने अपने करीबियों और रिश्तेदारों के खाते में धनराशि ट्रांसफर कराकर राशि का गबन कर लिया। नियम के अनुसार गांव में कोई भी विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। टेंडर के बाद संबंधित फर्म के अकाउंट में निर्माण की धनराशि ट्रांसफर की जाती है। बड़ी बात यह है कि सरकारी कर्मचारी और उनकी पत्नी के खाते में पैसा भेजा गया है। बुलंदशहर ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी हितेंद्र चौहान ने दोस्तपुर, दरियापुर, नवादा, नोसेना, मुरगूबपुर, कुराली गांव में तैनाती के दौरान करीब 4 लाख 50 हजार 611 रुपये के सरकारी धन में खेल किया। इस संबंध में जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा ने 13 ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस जारी किया था। इसमें हितेंद्र चौहान भी शामिल थे। जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा ग्राम विकास अधिकारी हितेंद्र चौहान के नीलकंठ कालोनी स्थित घर में रह रहे हैं। सनोटा के पूर्व प्रधान कृष्णपाल ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजी गई थी, लेकिन इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत में लिखा गया था कि आरोपी ग्राम विकास अधिकारी के घर पर रहते हुए जिला विकास अधिकारी ने पूरे प्रकरण की जांच की है। इसलिए पूरे प्रकरण को दबा दिया गया है। यदि न्याय संगत जांच की जाती तो कई आरोपी ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होती। इतना ही नहीं जिला विकास अधिकारी ने नवीन तैनाती में ग्राम विकास अधिकारी हितेंद्र को सिकंदराबाद देहात क्षेत्र में पोस्टिंग दी है।
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ग्राम विकास अधिकारी की जांच की गई थी। बाउचर के हिसाब से बिल सही पाए गए थे। जांच के दौरान मैं हितेंद्र के घर में नहीं रह रहा था। वर्तमान में उनके घर पर रह रहा हूं। मकान को जल्द खाली कर दूंगा। - सुभाष नेमा, जिला विकास अधिकारी
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मैं संबंधित गांव में प्रशासक रहा था। मेरे कार्यकाल में जो भी भुगतान हुए वह सही हैं। लोग गलत आरोप लगा रहे हैं। जांच के दौरान जिला विकास अधिकारी मेरे घर में नहीं रह रहे थे। अब घर में रह रहे हैं। - हितेंद्र चौहान, ग्राम विकास अधिकारी