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राजपथ का नाम बदलने की नहीं थी जरूरत, राहुल गांधी अच्छा काम कर रहे : सत्यपाल मलिक
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राजपथ का नाम बदलने की नहीं थी जरूरत, राहुल गांधी अच्छा काम कर रहे : सत्यपाल मलिक
औरंगाबाद। मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि राजपथ का नाम बदलने की जरूरत नहीं थी। यह नाम कोई अंग्रेजों का दिया हुआ नहीं था। प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वह हर तीसरे दिन उद्घाटन करते हैं, आज कुछ नहीं रहा होगा तो राजपथ का कर दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में बोले कि वह अच्छा काम कर रहे हैं। उनके साथ मेरी शुभकामनाएं हैं।
सत्यपाल मलिक बृहस्पतिवार को बुलंदशहर के गांव मूढ़ी बकापुर में करप्शन फ्री इंडिया संगठन के कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अगर मैं प्रधानमंत्री से लड़ा तो यही वजह है कि मेरे पास कुछ नहीं है। कुछ होता तो अब तक ईडी और इनकम टैक्स आ जाती। भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री की तारीफ भी की। कहा कि श्रीनगर के दो मामलों को लेकर प्रधानमंत्री के पास गया था। मुझे डेढ़-डेढ़ सौ करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश हुई थी। प्रधानमंत्री को बताया तो उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने दोनों मामलों को रद कर दिया था।
बड़ी लड़ाई के लिए तैयार रहें किसान
मलिक ने कहा कि देश में किसानों और जवानों पर भारी संकट है। उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कमेटी का चेयरमैन ऐसे व्यक्ति को बनाया है, जिसने कृषि कानून बनाए थे। अगर एमएसपी लागू नहीं होती है तो देश में बहुत बड़ी जंग किसानों और सरकार के बीच छिड़ेगी। उन्होंने किसानों से कहा कि आप बड़ी लड़ाई के लिए तैयार रहें।
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फौज को बर्बाद करने को लाए अग्निवीर योजना
सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसानों और जवानों को बरबाद करके कोई सरकार नहीं चली है। अब फौज को बरबाद करने के लिए अग्निवीर योजना ले आए हैं। इससे कोई नतीजा नहीं निकलेगा। आरोप लगाया कि जब उन्होंने बिहार में शिक्षा व्यवस्था सुधारी तो उन्हें कश्मीर भेज दिया गया।
प्रधानमंत्री कहें तो दे दूंगा इस्तीफा
राज्यपाल मलिक ने कहा कि जिस दिन से किसानों की लड़ाई शुरू हुई है, उस दिन से इस्तीफा मेरी जेब में है। प्रधानमंत्री कह दें तो मैं एक मिनट में इस्तीफा दे दूंगा। महंगाई और बेरोजगारी पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
ये रहे मौजूद
इस दौरान करप्शन फ्री इंडिया के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय, कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष चौधरी श्यौपाल सिंह,पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवेंद्र गुर्जर, चौधरी बलराज, कर्नल एमएस नागर आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर मनेन्द्र जैन ने की और संचालन प्रोफेसर दीपक शर्मा ने किया। बसपा के बिजनौर सांसद मलूक नागर भी मौजूद रहे।
प्रतिभाशाली और बुजुर्ग हुए सम्मानित
ग्राम दिवस समारोह में मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने प्रतिभाशाली छात्र तान्या सिंह, दिशा मंडार, रिंकू प्रजापति, राहुल मंडार समेत करीब 50 से अधिक प्रतिभाशालियों को सम्मानित किया। धर्मपाल गुर्जर, दीवान लोधी, किशनलाल जाटव, पंडित शारदा देवी समेत बुजुर्गों को शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
जगह-जगह हुआ स्वागत
राज्यपाल सत्यपाल मलिक दिल्ली से सिकंदराबाद होते हुए गांव मूढ़ी बकापुर पहुंचे। इस दौरान उनके काफिले का जगह-जगह स्वागत किया गया। सिकंदराबाद में स्वागत के दौरान उन्होंने कहा कि किसानों के साथ था और हमेशा उनके साथ रहूंगा। सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए। सुखलालपुर तिराहे पर भाकियू अजगर के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट अनीस गाजी के नेतृत्व में स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में रफीकुद्दीन पहलवान, जरनैल गाजी, मुकुल चौधरी, हाजी अलाउद्दीन, मिली चौहान, वेदपाल सिंह, बाबा अहमदनूर, विपुल कुमार, नरेश पंडित, मोहसिन, पिंटू चौधरी आदि मौजूद रहे।
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औरंगाबाद। मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि राजपथ का नाम बदलने की जरूरत नहीं थी। यह नाम कोई अंग्रेजों का दिया हुआ नहीं था। प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वह हर तीसरे दिन उद्घाटन करते हैं, आज कुछ नहीं रहा होगा तो राजपथ का कर दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में बोले कि वह अच्छा काम कर रहे हैं। उनके साथ मेरी शुभकामनाएं हैं।
सत्यपाल मलिक बृहस्पतिवार को बुलंदशहर के गांव मूढ़ी बकापुर में करप्शन फ्री इंडिया संगठन के कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अगर मैं प्रधानमंत्री से लड़ा तो यही वजह है कि मेरे पास कुछ नहीं है। कुछ होता तो अब तक ईडी और इनकम टैक्स आ जाती। भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री की तारीफ भी की। कहा कि श्रीनगर के दो मामलों को लेकर प्रधानमंत्री के पास गया था। मुझे डेढ़-डेढ़ सौ करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश हुई थी। प्रधानमंत्री को बताया तो उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने दोनों मामलों को रद कर दिया था।
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बड़ी लड़ाई के लिए तैयार रहें किसान
मलिक ने कहा कि देश में किसानों और जवानों पर भारी संकट है। उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कमेटी का चेयरमैन ऐसे व्यक्ति को बनाया है, जिसने कृषि कानून बनाए थे। अगर एमएसपी लागू नहीं होती है तो देश में बहुत बड़ी जंग किसानों और सरकार के बीच छिड़ेगी। उन्होंने किसानों से कहा कि आप बड़ी लड़ाई के लिए तैयार रहें।
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फौज को बर्बाद करने को लाए अग्निवीर योजना
सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसानों और जवानों को बरबाद करके कोई सरकार नहीं चली है। अब फौज को बरबाद करने के लिए अग्निवीर योजना ले आए हैं। इससे कोई नतीजा नहीं निकलेगा। आरोप लगाया कि जब उन्होंने बिहार में शिक्षा व्यवस्था सुधारी तो उन्हें कश्मीर भेज दिया गया।
प्रधानमंत्री कहें तो दे दूंगा इस्तीफा
राज्यपाल मलिक ने कहा कि जिस दिन से किसानों की लड़ाई शुरू हुई है, उस दिन से इस्तीफा मेरी जेब में है। प्रधानमंत्री कह दें तो मैं एक मिनट में इस्तीफा दे दूंगा। महंगाई और बेरोजगारी पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
ये रहे मौजूद
इस दौरान करप्शन फ्री इंडिया के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय, कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष चौधरी श्यौपाल सिंह,पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवेंद्र गुर्जर, चौधरी बलराज, कर्नल एमएस नागर आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर मनेन्द्र जैन ने की और संचालन प्रोफेसर दीपक शर्मा ने किया। बसपा के बिजनौर सांसद मलूक नागर भी मौजूद रहे।
प्रतिभाशाली और बुजुर्ग हुए सम्मानित
ग्राम दिवस समारोह में मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने प्रतिभाशाली छात्र तान्या सिंह, दिशा मंडार, रिंकू प्रजापति, राहुल मंडार समेत करीब 50 से अधिक प्रतिभाशालियों को सम्मानित किया। धर्मपाल गुर्जर, दीवान लोधी, किशनलाल जाटव, पंडित शारदा देवी समेत बुजुर्गों को शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
जगह-जगह हुआ स्वागत
राज्यपाल सत्यपाल मलिक दिल्ली से सिकंदराबाद होते हुए गांव मूढ़ी बकापुर पहुंचे। इस दौरान उनके काफिले का जगह-जगह स्वागत किया गया। सिकंदराबाद में स्वागत के दौरान उन्होंने कहा कि किसानों के साथ था और हमेशा उनके साथ रहूंगा। सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए। सुखलालपुर तिराहे पर भाकियू अजगर के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट अनीस गाजी के नेतृत्व में स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में रफीकुद्दीन पहलवान, जरनैल गाजी, मुकुल चौधरी, हाजी अलाउद्दीन, मिली चौहान, वेदपाल सिंह, बाबा अहमदनूर, विपुल कुमार, नरेश पंडित, मोहसिन, पिंटू चौधरी आदि मौजूद रहे।