{"_id":"62b0a57ef745cf1af526519a","slug":"sangeeta-murder-case-bulandshahr-news-gbd240337190","type":"story","status":"publish","title_hn":"संगीता हत्याकांड : दोषी जीजा को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संगीता हत्याकांड : दोषी जीजा को आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संगीता हत्याकांड : दोषी जीजा को आजीवन कारावास
बुलंदशहर। शादी से एक दिन पहले नगलिया गांव की संगीता की हुई हत्या के मामले में अदालत ने जीजा को दोषी माना है। सोमवार को उसे आजीवन कारावास के साथ एक लाख दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नितिन त्यागी ने बताया कि छतारी थाना क्षेत्र के गांव नगलिया निवासी रेशमपाल सिंह ने 17 फरवरी 2018 को तहरीर देकर बताया था कि उनकी छोटी बेटी संगीता की 18 फरवरी को बरात आनी थी। समारोह में शामिल होने के लिए उनका बड़ा दामाद ब्रिजेश कुमार निवासी मोहल्ला होली थाना क्वार्सी जनपद अलीगढ़ भी आया हुआ था। 17 फरवरी की सुबह करीब नौ बजे संगीता के बालों में नाई मेहंदी लगा रहा था। उसी दौरान ब्रिजेश ने संगीता के गले पर चाकू से वार कर दिया। जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर गई। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मामले में थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी ब्रिजेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या द्वितीय दानिश हसनैन के न्यायालय ने अब ब्रिजेश को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व विभिन्न धाराओं में कुल एक लाख दो हजार रुपये का अर्थदंड की सजा दी है।
डोली की जगह उठी अर्थी
हत्या के एक दिन बाद ही संगीता की बरात आनी थी। परिवार में खुशियों का माहौल था। ब्रिजेश ने सारी खुशियों को मातम में बदल दिया। डोली की जगह संगीता की अर्थी उठी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुलंदशहर। शादी से एक दिन पहले नगलिया गांव की संगीता की हुई हत्या के मामले में अदालत ने जीजा को दोषी माना है। सोमवार को उसे आजीवन कारावास के साथ एक लाख दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नितिन त्यागी ने बताया कि छतारी थाना क्षेत्र के गांव नगलिया निवासी रेशमपाल सिंह ने 17 फरवरी 2018 को तहरीर देकर बताया था कि उनकी छोटी बेटी संगीता की 18 फरवरी को बरात आनी थी। समारोह में शामिल होने के लिए उनका बड़ा दामाद ब्रिजेश कुमार निवासी मोहल्ला होली थाना क्वार्सी जनपद अलीगढ़ भी आया हुआ था। 17 फरवरी की सुबह करीब नौ बजे संगीता के बालों में नाई मेहंदी लगा रहा था। उसी दौरान ब्रिजेश ने संगीता के गले पर चाकू से वार कर दिया। जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर गई। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मामले में थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी ब्रिजेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या द्वितीय दानिश हसनैन के न्यायालय ने अब ब्रिजेश को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व विभिन्न धाराओं में कुल एक लाख दो हजार रुपये का अर्थदंड की सजा दी है।
विज्ञापन
डोली की जगह उठी अर्थी
हत्या के एक दिन बाद ही संगीता की बरात आनी थी। परिवार में खुशियों का माहौल था। ब्रिजेश ने सारी खुशियों को मातम में बदल दिया। डोली की जगह संगीता की अर्थी उठी।
विज्ञापन